भुवनेश्वर , सितंबर 08 -- स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) और कैपिटल अस्पताल भुवनेश्वर ने एक ही दिन में सर्जरी के क्षेत्र में दो बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हुए सिर और गर्दन के कैंसर की जटिल सर्जरी और 15 महीने के बच्चे की जान बचाने के लिए आंत का आपातकालीन ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया।

पहले मामले में ऊपरी जबड़े (एल्वियोलस) और तालू के कैंसर (कार्सिनोमा) और हड्डी के क्षरण से पीड़ित एक मरीज की 'हेमी-मैक्सिलेेक्टोमी' और 'मॉडिफाइड रेडिकल नेक डिसेक्शन' की बड़ी सर्जरी की गई, जिसके बाद अस्पताल के मॉड्यूलर सर्जरी ओटी में 'फ्लैप सर्जरी' किया गया। इस बहु-विषयक प्रक्रिया का नेतृत्व मुख्य शल्यचिकित्सक डॉ. श्रीकांत पात्रो ने किया, जिसमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के डॉ. देबा रथ और प्लास्टिक सर्जरी के प्रोफेसर शक्ति पी. मिश्रा शामिल थे। डॉ. डीवी रविकुमार और एनेस्थीसिया टीम ने सर्जरी के दौरान आवश्यक सहयोग दिया।

इस सफल ऑपरेशन ने सर्जरी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी और एनेस्थीसिया में आपसी सहयोग और विशेषज्ञता के जरिए उन्नत चरण के कैंसर को ऑपरेशन द्वारा बाहर निकालने और सर्जरी की प्रक्रियाओं की बढ़ती क्षमता को साबित किया। उसी दिन शिशु रोग शल्य चिकित्सा सर्जरी टीम ने 15 महीने के एक बच्चे का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया, जो 'इलियो-कोलो-कोलिक इंटुससेप्शन' से पीड़ित था। यह एक जानलेवा स्थिति हो सकती है जिसमें आंत का एक हिस्सा दूसरे हिस्से के अंदर घुस जाता है।

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