भुवनेश्वर , जुलाई 03 -- ओडिशा सतर्कता विभाग ने पुरी जिले के दो पूर्व पंचायत कार्यकारी अधिकारियों (पीईओ) को 'मधु बाबू पेंशन योजना' (एमबीपीयू) के लाभार्थियों के लिए तय राशि में से 30.78 लाख रुपये से अधिक का गबन करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
सतर्कता विभाग के सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुलामनी जानी और टूना प्रधान के रूप में हुई है। सुलामनी जानी सदर ब्लॉक के तहत आने वाली गदामृगशिरा और जमारसुआं ग्राम पंचायतों के पूर्व पीईओ हैं और फिलहाल सदर ब्लॉक कार्यालय से संबद्ध हैं।
टूना प्रधान कणास ब्लॉक के तहत आने वाली साहुपाड़ा ग्राम पंचायत के पूर्व पीईओ हैं और इस समय गोप ब्लॉक कार्यालय में तैनात हैं। इन दोनों अधिकारियों को बुजुर्गों, दिव्यांगों और बेसहारा लोगों को मिलने वाली सरकारी पेंशन के पैसों में हेराफेरी करने से जुड़े अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया है।
विभाग की विस्तृत जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने वर्ष 2022 से 2025 के बीच अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग किया। उन्होंने पेंशन की उस राशि को अपने पास ही रख लिया जो लाभार्थियों को बांटी नहीं जा सकी थी और उस पैसे को सरकारी खाते में वापस जमा करने के बजाय निजी फायदे के लिए इस्तेमाल कर लिया।
जांच में पाया गया कि सुलामनी जानी ने कथित तौर पर 15 लाख, 74 हजार, 820 रुपये का गबन किया, जबकि टूना प्रधान ने कथित तौर पर 15 लाख, तीन हजार, 800 रुपये की हेराफेरी की, जिससे कुल घोटाला 30.78 लाख रुपये से अधिक का हो जाता है।
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