भुवनेश्वर , अगस्त 01 -- स्टार्टअप ओडिशा समर्थित तीन स्टार्टअप फर्मों ने शुक्रवार को नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित विशेष प्रदर्शनी में अपने नवाचारी उत्पादों का प्रदर्शन किया और तकनीकी नवाचारों के लिए राष्ट्रीय पहचान हासिल की।

इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए चुने गये तीन स्टार्टअप गार्गी ऑटोमेटेड एंड रोबोटिक गैजेट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, न्यूरअप टेक सॉल्यूशंस और अर्बन-हायफाई बायोसाइंसेज थे।

शीतल जिमानी द्वारा शुरु गार्गी ऑटोमेटेड एंड रोबोटिक गैजेट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड दिव्यांग व्यक्तियों के लिए उन्नत स्वचालित और रोबोटिक सहायक उपकरण विकसित करती है। इसके प्रमुख नवाचारों में स्वचालित परिवर्तनशील बेड-चेयर और रोबोटिक एक्सोस्केलेटन शामिल हैं, जिन्हें गतिशीलता बढ़ाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए तैयार किया गया है।

अनूप पैकराय की ओर से शुरु न्यूरअप टेक सॉल्यूशंस ने 'चुलिव' का प्रदर्शन किया, जो एक अभिनव खाना पकाने का साधन है और पारंपरिक खाना पकाने की प्रणालियों का आधुनिकीकरण करता है। इस तकनीक का उद्देश्य इनडोर वायु प्रदूषण को कम करना है, जबकि स्वास्थ्यप्रद और ईंधन-कुशल खाना पकाने की प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

अधिराज महापात्र द्वारा शुरु अर्बन-हायफाई बायोसाइंसेज कृषि अपशिष्ट से टिकाऊ सामग्रियों का निर्माण करती है। इस स्टार्टअप ने मशरूम आधारित बायो-लेदर विकसित किया है, जो पारंपरिक पशु चमड़े का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करता है।

तीनों स्टार्टअप के संस्थापकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष अपने नवाचारों को प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

उद्यमियों का चयन अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत किया गया था और वे देशभर के उन जमीनी उद्यमियों में शामिल थे, जिन्हें प्रदर्शनी में अपनी तकनीकों का प्रदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया गया था।

उद्यमियों को बधाई देते हुए ओडिशा के एमएसएमई मंत्री गोकुलानंद मलिक ने कहा कि स्टार्टअप फर्मों की हासिल की गयी राष्ट्रीय पहचान न केवल संस्थापकों के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में ओडिशा की बढ़ती प्रमुखता का भी प्रतीक है।

एमएसएमई विभाग की आयुक्त-सह-सचिव रश्मिता पांडा ने कहा कि ओडिशा स्टार्टअप नीति ने युवा उद्यमियों को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है, जिससे वे अपने नवाचारी विचारों को सफल उद्यमों में बदलने में सक्षम हुए हैं।

स्टार्टअप ओडिशा के सीईओ स्मृति रंजन प्रधान ने कहा कि राज्य युवा और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर देने के साथ एक मजबूत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप ओडिशा के माध्यम से नवाचार-संचालित उद्यमों को सहायता देने और महत्वाकांक्षी उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता और कई तरह के प्रोत्साहन दिये जा रहे हैं।

श्री प्रधान ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों स्टार्टअपों को राष्ट्रपति भवन में मिली पहचान से ओडिशाभर के कई और युवा उद्यमियों को नवाचार-आधारित उद्यमों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी।

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