केंद्रपाड़ा , फरवरी 26 -- ओडिशा के गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य के निषिद्ध क्षेत्र में मछली पकड़ने के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार हुए आठ मछुआरों को बुधवार को यहां की अदालत ने जेल भेज दिया।
गिरफ्तार हुए इन व्यक्तियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य के रेंजर कपिलेन्द्र प्रधान ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए बताया कि अभियान के दौरान मछली पकड़ने वाले एक बड़े ट्रॉलर और महत्वपूर्ण उपकरणों को जब्त किया गया है। जब्त सामानों में एक जीपीएस डिवाइस, 3 वीएचएफ रेडियो, एक फिश फाइंडर, नौ ट्रॉलिंग जाल और 8.5 क्विंटल समुद्री मछलियां शामिल हैं।
यह कार्रवाई ऐसे संवेदनशील समय में हुई है, जब इस प्रसिद्ध अभयारण्य में लुप्तप्राय कछुओं का प्रजनन काल चल रहा है। इस दौरान समुद्री जीवों के लिए शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों ने समुद्र में गश्त तेज कर दी है। इसी गश्त के दौरान वन विभाग के कर्मियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से काम कर रहे ट्रॉलर को पकड़ा और उसकी सामग्री जब्त कर ली।
अधिकारी के अनुसार, अभयारण्य की सुरक्षा के लिए जारी प्रयासों के तहत यह एक महत्वपूर्ण कदम है। अब तक इस सिलसिले में 38 मामले दर्ज किये गये हैं और पश्चिम बंगाल तथा आंध्र प्रदेश सहित कुल 345 मछुआरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही कई नावें भी जब्त की गयी हैं और अवैध रूप से पकड़ी गयी 39.2 टन मछलियों की नीलामी की जा चुकी है। समुद्री जैव विविधता की रक्षा के लिए इस क्षेत्र में कड़ी निगरानी जारी है।
गौरतलब है कि ओडिशा के गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य को विश्व में समुद्री कछुओं के सबसे बड़े प्रजनन स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां अंडे देने के लिये हज़ारों मादाएं एक ही समुद्र तट पर एक साथ आती हैं।
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