भुवनेश्वर , अक्टूबर 24 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने दौरान 2036 तक शहरीकरण को मौजूदा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने और 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री ने आज यहां भुवनेश्वर में राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 'पीएम ई-बस सेवा' योजना के तहत 26 इलेक्ट्रिक बस सेवाओं की भी शुरुआत की और अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों के साथ राज्य के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करने तथा 'अमा बस' सेवा को नौ और शहरों तक पहुंचाने की योजना की घोषणा की।
श्री माझी ने अपने संबोधन में कहा कि 2036 में एक अलग राज्य के रूप में गठन की शताब्दी के करीब पहुंच रहे समृद्ध ओडिशा के सपने को साकार करने के लिए राज्य में आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन और 'पूर्वोदय' पहल से प्रेरित होकर ओडिशा एक प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहा है। उन्होंने शहरों को समावेशी, तकनीक-युक्त और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य को 23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जबकि 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाले 200 से अधिक औद्योगिक प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के चरण में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और नीति आयोग के मार्गदर्शन में भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र (बीकेपीपीईआर) का विकास किया जा रहा है। नये उपनगरों के विकास के साथ-साथ भुवनेश्वर और कटक का विस्तार भी राज्य की शहरी विकास रणनीति का हिस्सा है। इसके अलावा राज्य में 28 नये अधिसूचित क्षेत्र परिषद (एनएसी), सात नगर पालिकाएं और एक नगर निगम का गठन किया गया है।
सार्वजनिक परिवहन के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कैपिटल रीजन अर्बन ट्रांसपोर्ट (क्रूट) नेटवर्क, जिसकी शुरुआत 2018 में 200 बसों के साथ हुई थी, अब 138 मार्गों पर 770 बसों का संचालन कर रहा है जो सात शहरों को आपस में जोड़ती हैं और प्रतिदिन लगभग 3.5 लाख यात्रियों को ले जाती हैं।
'पीएम ई-बस सेवा' पहल के तहत आज 26 ई-बस सेवाओं की शुरुआत की गई। शहरी संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार 400 और इलेक्ट्रिक बसें, साथ ही 100 मिडी बसें और 50 मिनी इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना बना रही है।
श्री माझी ने राज्य के शुरू की गई कई शहरी कल्याण और बुनियादी ढांचा पहलों का जिक्र किया। राज्य अपने शहरी विकास कार्यक्रम के तहत 6,000 करोड़ रुपये की शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी लागू कर रहा है। नल से जल पहल को 11 शहरों तक बढ़ा दिया गया है, जबकि 'स्वच्छ ओडिशा' योजना को 1,600 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लागू किया जा रहा है।
सम्मेलन के मुख्य विषय 'चलने का अधिकार' पर जोर देते हुए श्री माझी ने कहा कि सुरक्षित फुटपाथ, पैदल यात्री क्रॉसिंग और सुनियोजित सार्वजनिक स्थान शहरी गतिशीलता के अनिवार्य घटक हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सुरक्षित और सुलभ परिवहन बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करते हुए शहरी विकास में पैदल चलने वालों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में 'अंकुर हैंडबुक' और 'टाउन प्लानिंग हैंडबुक' का विमोचन किया तथा एक नयी शहरी विकास नीति की शुरुआत की।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बुनियादी नागरिक सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के बारे में कहा कि सबसे पहले पुरी में शुरू की गयी 'नल से जल' परियोजना अब 11 शहरों तक फैल चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्यभर के 114 शहरी क्षेत्रों में घरों तक पाइप के जरिए पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुराग जैन ने कहा कि 2047 तक भारत की लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी और देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 75 प्रतिशत का योगदान देगी। उन्होंने सुनियोजित और सुव्यवस्थित शहरीकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे आर्थिक विकास को गति मिल सकती है, जबकि अनियोजित और अव्यवस्थित विस्तार गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकता है।
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, ओडिशा के आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र तथा राज्य एवं केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ इस सम्मेलन में शामिल हुए।
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