भुवनेश्वर , जुलाई 03 -- ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को जापान की इशिकावाजिमा-हरिमा हेवी इंडस्ट्रीज कंपनी लिमिटेड और भारत के एसीएमई ग्रुप के साथ मिलकर 67,000 करोड़ रुपये के सहयोग ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये।
यह साझेदारी भारत-जापान स्वच्छ ऊर्जा पहल का हिस्सा है, जिसका मुख्य मकसद ओडिशा में ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विकास करना है।
एमओयू पर ओडिशा सरकार की ओर से आयोजित 'जापानी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक' के दौरान हस्ताक्षर किये गये। इस समझौते का मकसद वैश्विक औद्योगिक निवेश के लिए राज्य को पसंदीदा जगह के तौर पर मजबूत किये जाने तथा स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और औद्योगिक विकास में सहयोग को बढ़ावा देना है।
यह एमओयू ओडिशा सरकार, इशिकावाजिमा-हरिमा हेवी इंडस्ट्रीज कंपनी लिमिटेड (आईएचआई) और एसीएमई ग्रुप के राज्य में बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक परियोजनाओं को मिलकर खोजने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस सहयोग से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में आसानी होने, सतत औद्योगिकरण को बढ़ावा मिलने और रोजगार तथा आर्थिक अवसर के पैदा होने की उम्मीद है। प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 67,000 करोड़ रुपये का निवेश होने और लगभग 7,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
निवेश प्रस्तावों में गोपालपुर-टाटा विशेष आर्थिक जोन में 20,000 करोड़ रुपये के निवेश वाला 0.4 एमटीपीए ग्रीन अमोनिया परियोजना शामिल है, जिससे लगभग 3,400 लोगों को नौकरी मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना में 1,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश वाला एक जेटी-लेस फ्लोटिंग टर्मिनल अवसंरचना भी शामिल होगा। एक और प्रस्ताव में पारादीप में 34,000 करोड़ रुपये के निवेश वाला 0.8 एमटीपीए ग्रीन अमोनिया परियोजना स्थापित करना और लगभग 3,600 लोगों को रोजगार की संभावना शामिल है।
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