नयी दिल्ली , अप्रैल 28 -- इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक व्यक्ति के बहन की मौत के सबूत के तौर पर बैंक में कंकाल लेकर पहुंचने की घटना पर सफाई देते हुए कहा है कि शाखा प्रबंधक का इरादा उस व्यक्ति को परेशान करने का नहीं था, बल्कि वह सिर्फ नियमों का पालन कर रहे थे।

घटना के एक दिन बाद मंगलवार को बैंक ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ओडिशा के क्योंझर जिले में उसके द्वारा प्रायोजित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 'ओडिशा ग्रामीण बैंक' की मल्लीपोसी शाखा में 27 अप्रैल को जीतू मुंडा नाम का व्यक्ति आया था। उसने खुद को कालरा मुंडा का भाई बताते हुए उसके खाते से पैसे निकालने की मांग की।

पोस्ट में कहा गया है कि जब उसे बताया गया कि बिना उचित प्राधिकार पत्र के कोई भी व्यक्ति किसी और के खाते से पैसा नहीं निकाल सकता तो उसने बताया कि कालरा मुंडा की मौत हो चुकी है।

इसके बाद शाखा प्रबंधक ने उसे बताया कि उस स्थिति में खाताधारक के मृत्यु प्रमाणपत्र की जरूरत होगी।

बैंक के अनुसार, उसके बाद जीतू वहां से चला गया और कुछ समय बाद एक कंकाल के साथ लौटा। उसने कंकाल को बैंक शाखा के सामने रख दिया। इससे वहां अव्यवस्था फैल गयी और शाखा प्रबंधक ने स्थित को संभालने के लिए पुलिस बुला ली।

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