भुवनेश्वर , अक्टूबर 24 -- 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 में सुलभ, कुशल और टिकाऊ शहरी क्षेत्र तैयार करने के लिए निर्बाध सार्वजनिक परिवहन, बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और नागरिक-केंद्रित गतिशीलता समाधानों की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
भुवनेश्वर में आयोजित सम्मेलन के हिस्से के रूप में व्यापक क्षेत्रीय गतिशीलता योजना (सीआरएमपी) पर एक विशेष सत्र में व्यक्तिगत शहर की सीमाओं से परे गतिशीलता की योजना बनाने के महत्व को मुख्य संदेश बताया गया।
ओडिशा सरकार के आवासन एवं शहरी विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव उषा पाढ़ी की अध्यक्षता में हुए इस सत्र में शहरों और उनके पड़ोसी क्षेत्रों में एकीकृत गतिशीलता योजना पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और परिवहन क्षेत्र के विशेषज्ञ एकत्र हुए। विचार-विमर्श का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के लिए दैनिक यात्रा को अधिक सुविधाजनक, कुशल और समावेशी बनाना था।
प्रतिभागियों ने कहा कि शहरों और उनके आसपास के क्षेत्रों को आपस में जुड़े हुए क्षेत्रों के रूप में देखा जाना चाहिए जहां लोग रहते हैं, काम करते हैं, पढ़ाई करते हैं और आवश्यक सेवाओं का लाभ उठाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गतिशीलता की योजना केवल व्यक्तिगत शहरी केंद्रों तक सीमित रहने के बजाय इन क्षेत्रीय संबंधों को प्रतिबिंबित करनी चाहिए।
सीआरएमपी परिवहन नेटवर्क, बुनियादी ढांचे के विकास और भूमि-उपयोग योजना को एकीकृत करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करती है, साथ ही परिवहन एजेंसियों, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य हितधारकों के बीच तालमेल को मजबूत करती है। चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि एक प्रभावी क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली को विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए व्यक्तिगत परियोजनाओं से आगे बढ़ना चाहिए।
एकीकृत सार्वजनिक परिवहन, भरोसेमंद अंतिम छोर तक संपर्क, पैदल चलने वालों के अनुकूल बुनियादी ढांचा और गैर-मोटर चालित परिवहन को एक सुलभ, कुशल और समावेशी शहरी गतिशीलता नेटवर्क के आवश्यक घटकों के रूप में चिह्नित किया गया।
सत्र में बुनियादी ढांचे को अनुकूलित करने, यात्रा की बाधाओं को कम करने और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए भूमि-उपयोग योजना के साथ परिवहन निवेश पर भी बात की गई।
प्रतिभागियों ने उल्लेख किया कि शहरों और पड़ोसी क्षेत्रों के बीच बेहतर तालमेल संपर्क को मजबूत कर सकता है, आर्थिक गतिविधियों को सुगम बना सकता है और यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है कि फैलते हुए शहरी क्षेत्र सुलभ और रहने योग्य बने रहें।
ओडिशा में यूएमआई 2026 के हिस्से के रूप में आयोजित इस सत्र ने एक ऐसी टिकाऊ गतिशीलता प्रणाली विकसित करने के लिए समन्वित क्षेत्रीय योजना की आवश्यकता को पुख्ता किया जो समुदायों को जोड़े, अवसरों तक पहुंच का विस्तार करे और दीर्घकालिक शहरी विकास का समर्थन करे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित