भुवनेश्वर , सितंबर 24 -- ओडिशा विधानसभा में गुरुवार को विपक्षी दलों बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस सदस्यों ने एमएमडीआर संशोधन अधिनियम का विरोध किया, जिसके कारण उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई को सदन की कार्यवाही शाम 4 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

विधानसभा में सुबह 10:30 बजे जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, दोनों विपक्षी दलों के सदस्य हाथों में प्लेकार्ड लेकर और नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच (वेल में) आ गए। वे एमएमडीआर संशोधन अधिनियम को रद्द करने की मांग कर रहे थे और उनका कहना था कि यह अधिनियम ओडिशा के हितों के खिलाफ है।

कार्यवाही में सहयोग करने और प्रश्नकाल चलने देने की उपाध्यक्ष की बार-बार की अपील के बावजूद प्रदर्शनकारी सदस्य नहीं माने और सदन के बीचों-बीच अपना विरोध और तेज कर दिया। कुछ विपक्षी सदस्य तो रिपोर्टर्स की मेज पर भी चढ़ गए और अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाने लगे, जिससे विधानसभा में काफी शोर-शराबा हुआ।

हंगामे के बीच श्री भोई ने प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रखी, जो लगभग 13 मिनट तक चली। इसके बाद उन्होंने सुबह 10:43 बजे सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

विधानसभा में गुरुवार को हुआ यह व्यवधान लगातार दो दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद हुआ। पिछले दो दिनों में जहां बीजद ने स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गलतियों का मुद्दा उठाया था और कांग्रेस ने एमएमडीआर संशोधन अधिनियम का विरोध किया था, वहीं गुरुवार को दोनों विपक्षी दलों ने मिलकर एमएमडीआर संशोधन का विरोध किया।

विपक्षी सदस्यों के जोरदार विरोध के कारण विधानसभा लगातार तीसरे दिन भी अपना निर्धारित प्रश्नकाल, शून्यकाल और स्थगन प्रस्ताव से जुड़ा कामकाज नहीं कर सकी।

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