लखनऊ , जून 16 -- तेईस साल के हर्ष दुबे को वनडे डेब्यू पर पहले ओवर में ही 16 रन पड़े थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने बेहतरीन वापसी की। हर्ष ने अपने पहले मैच में ही तीन विकेट चटकाए और बीच के ओवरों में अफ़ग़ानिस्तान की रन-गति पर लगाम लगाई। हर्ष को भविष्य का ऑलराउंडर माना जा रहा है और टीम प्रबंधन शुरुआती दिनों में ही उनके ऊपर काफ़ी भरोसा दिखा रहा है।
लखनऊ में अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे से पहले टीम के स्पिन गेंदबाज़ी कोच साईराज बहुतुले ने मीडिया से कहा, "ऑलराउंडर के रूप में हर्ष का भविष्य काफ़ी उज्ज्वल है। विदर्भ के लिए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है और मेरे हिसाब से उन्हें इसलिए ही मौक़ा मिला है। हर मैच के साथ आप सीखते हैं। पिछले मैच में भी वह पहले ओवर में दबाव में थे, लेकिन जिस तरह उन्होंने वापसी की वह काबिलेतारीफ़ है। वह भविष्य के खिलाड़ी हैं। उनके पास स्किल और टेंपरामेंट है जिसे वह घरेलू क्रिकेट में भी साबित कर चुके हैं। अब वह जितना अधिक खेलेंगे और जितना अधिक अनुभव हासिल करेंगे, उनकी स्किल उतनी ही बेहतरीन होती जाएगी।"भारत के पास रवींद्र जडेजा के रूप में एक बेहतरीन बाएं हाथ का स्पिनर रहा है, जो काफ़ी लंबे समय से भारतीय टीम की सेवा कर रहे हैं। हालांकि, अब समय आ चुका है जब उनके उत्तराधिकारी के बारे में सोचा जाए और टीम प्रबंधन इस काम में काफ़ी गहराई के साथ लग चुकी है।
ख़ास तौर से बाएं हाथ के स्पिनर्स की अगले खेप पर बहुतुले ने कहा, "मेरे लिए हर स्पिनर अलग है। जडेजा काफ़ी अनुभवी हैं। जिस तरह से उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से भारतीय क्रिकेट के लिए प्रदर्शन किया है वह अद्भुत है। स्पिनर्स के लिए यह बदलाव का दौर है। मेरे ख़्याल से हर्ष या दूसरा कोई भी स्पिनर जो आ रहा है उन्हें ये पता है कि उन्हें कितनी बड़ी जगह को भरना है। उनके पास क्षमता और संभावना दोनों है, लेकिन वे जितना अधिक खेलेंगे उतना ही जल्दी सेटल हो जाएंगे।''"उन सभी (मानव सुथार, हर्ष और अन्य) ने काफ़ी अच्छा किया है जो केवल घरेलू क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है। शिवांग (कुमार), सारांश (जैन), हर्ष और सुथार सभी ने अच्छे संकेत दिए हैं। चयनकर्ता, गौतम (गंभीर) और हर कोई इन स्पिनर्स पर क़रीबी निगाह रखे हैं। जिनके पास क्षमता है और जो सही संकेत दे रहे हैं उन्हें निश्चित तौर पर मौक़े मिलेंगे। यही प्रोसेस है। बदलाव के दौर में आपको सही गेंदबाज़ पहचानने होते हैं। फिलहाल यही प्रक्रिया चल रही है और मुझे भरोसा है कि हम सही लोग लाएंगे।"रोहित का टीम में होना काफ़ी ज़रूरी39 साल के हो चुके रोहित शर्मा केवल एक ही अंतरराष्ट्रीय प्रारूप खेलते हैं और उसमें उन्हें अधिक मैच खेलने के मौक़े नहीं मिलते। रोहित के लिए हालिया आईपीएल सीज़न भी अधिक प्रभावशाली नहीं रहा था जिसमें वह कई मैचों से चोट के कारण बाहर भी रहे। रोहित ने इस वनडे सीरीज़ के शुरू होने से ठीक पहले फ़िटनेस टेस्ट पास किया था। पहले मैच में वह रन आउट हुए थे। अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप के लिए रोहित काफ़ी अहम होंगे, लेकिन उनके टीम में होने को लेकर लगातार बातें होती रहती हैं। हालांकि, बहुतुले ने उन्हें टीम के लिए बेहद ज़रूरी बताया है।
उन्होंने कहा, "रोहित एक अनुभवी खिलाड़ी हैं। वह चैंपियन क्रिकेटर हैं और ऐसे व्यक्ति हैं जो टीम में काफ़ी कुछ लेकर आते हैं।
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