अमृतसर , मई 30 -- दल खालसा ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी के अवसर पर पांच जून को 'होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस मार्च' तथा छह जून को अमृतसर बंद का आह्वान किया है।

संगठन के नेताओं ने शनिवार को कहा कि जून 1984 में श्री दरबार साहिब और अन्य गुरुद्वारों पर हुई सैन्य कार्रवाई के घाव आज भी दुनिया भर के सिख समुदाय के मन में ताजा हैं। यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दल खालसा के कार्यकारी अध्यक्ष परमजीत सिंह मंड ने कहा कि छह जून का बंद सेना कार्रवाई के दौरान मारे गए श्रद्धालुओं की स्मृति, सिख रेफरेंस लाइब्रेरी से जुड़े कथित नुकसान तथा उस दौर की पीड़ा को याद करने के लिए रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंद केवल व्यापारिक, वाणिज्यिक और शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित रहेगा तथा यातायात और चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। उन्होंने अमृतसर के हिंदू समुदाय से भी अपील की कि वे सिख समुदाय की भावनाओं को समझते हुए बंद में सहयोग करें और एकजुटता का संदेश दें।

दल खालसा के राजनीतिक मामलों के सचिव कंवर पाल सिंह ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार सिख आस्था पर किया गया एक कठोर और दुखद हमला था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं की जान गई और यह घटना आज भी सिख समुदाय के लिए गहरे दुख का विषय बनी हुई है। संगठन ने मांग की कि ऑपरेशन ब्लू स्टार से संबंधित सरकारी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं ताकि उस समय की घटनाओं की पूरी जानकारी सामने आ सके। नेताओं ने कहा कि 5 जून की शाम को बुरज अकाली फूला सिंह से 'होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस मार्च' निकाला जाएगा।

दल खालसा के नेताओं ने सिख धार्मिक मामलों में सरकारी हस्तक्षेप पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सिख धर्म और उसकी संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा और रणनीति बनाने के लिए वे बाबा बकाला में होने वाली पंथक बैठक में भी भाग लेंगे।

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