जम्मू , अगस्त 28 -- उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाये जा रहे "ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते" अभियान के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक नाबालिग लड़की को बचाया और उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया।
यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार जम्मू रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर नियमित गश्त के दौरान, आरपीएफ कर्मचारियों को एक नाबालिग लड़की बहुत घबराई हुई हालत में अकेली घूमती हुई मिली। सुरक्षाकर्मियों ने सूझ-बूझ दिखाते हुए तुरंत एक महिला कॉन्स्टेबल को वहां बुलाया जिसने बच्ची को दिलासा दिया और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उससे पूछताछ की। इस संवेदनशील घटना की जानकारी तुरंत बाल कल्याण समिति के सदस्यों को भी दी गयी। पूछताछ के दौरान पता चला कि वह बरेली (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली है और 12वीं कक्षा की छात्रा है। उसने बताया कि पिता की डांट से नाराज़ होकर वह बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी।
बयान के मुताबिक इंसानियत और सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए लड़की को तुरंत जम्मू में रेलवे सुरक्षा बल की चौकी पर लाया गया। नियमों के अनुसार सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गयी, एक हैंड-ओवर मेमो तैयार किया गया और लड़की को आगे की सलाह एवं परिवार से सुरक्षित मिलाने के लिए बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया।
रेल प्रशासन ने दोहराया है कि जम्मू मंडल यात्रियों, खासकर महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
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