लखनऊ , जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार किया गया है। सरकार के अनुसार, ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से परिषदीय तथा माध्यमिक विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास और अन्य आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

सरकारी बयान के अनुसार, ऑपरेशन कायाकल्प के तहत राज्य के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है। वर्ष 2017-18 में विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता 36 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 96.30 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

सरकार ने दावा किया कि 1.30 लाख से अधिक विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं, हजारों स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं और 3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 4.50 लाख से अधिक शिक्षकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) का प्रशिक्षण दिया गया है।

बयान के अनुसार, प्रोजेक्ट अलंकार के तहत प्रदेश के 2,383 राजकीय और 590 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया गया है। इसके साथ ही 778 आईसीटी लैब और 1,236 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं।

सरकार ने बताया कि 41 नए राजकीय इंटर कॉलेज और 215 राजकीय हाईस्कूल का निर्माण पूरा हो चुका है तथा 60 नए इंटर कॉलेजों को मंजूरी दी गई है।

सरकार ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से कक्षा 12 तक उच्चीकृत किया जा रहा है। राज्य में 1,722 पीएम श्री विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार, सरकार का उद्देश्य प्रत्येक सरकारी विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करना और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

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