महाराज , अक्टूबर 11 -- उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और राजमार्ग थाना की पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉलिंग और लाइव होस्टिंग ऐप 'चमेट' के माध्यम से अवैध वित्तीय गतिविधियों और बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी संचालित करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन शातिर सदस्यों को मथुरा से गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ मुख्यालय की साइबर टीम को लंबे समय से इस गिरोह के सक्रिय होने की खुफिया सूचना मिल रही थी। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) श्री विशाल विक्रम सिंह के पर्यवेक्षण में संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। रविवार को तड़के करीब 04:50 बजे राजमार्ग थाना क्षेत्र के मोतीकुंज स्थित कार्यालय (ए-22) पर छापेमारी कर तीनों अभियुक्तों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में प्रवीन कुमार उर्फ प्रकाश (उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी ग्राम सिहोरा, थाना जमुनापार, मथुरा) गिरोह का मुख्य सरगना है, जबकि अन्य दो आरोपियों में विपिन कुमार (उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी प्रीति बिहार कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, थाना जमुनापार, मथुरा) और अर्जुन दिवाकर (उम्र करीब 27 वर्ष, निवासी 275 मालीपाड़ा, धौली प्याऊ, थाना हाईवे, मथुरा) शामिल हैं।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का मुख्य सरगना प्रवीन लड़कियों के नाम से फर्जी तस्वीरें लगाकर ऐप पर फेक आईडी तैयार करता था। इसके बाद वेतन पर रखी गयी महिलाओं (होस्ट) के जरिए पेड वीडियो कॉलिंग, अश्लील सामग्री परोसने और कलर प्रिडिक्शन, कार रेसिंग तथा लकी बॉल जैसे अवैध सट्टेबाजी के खेल खिलवाए जाते थे। ऐप पर यूजर्स द्वारा खरीदे गए कॉइंस की गिफ्टिंग और कॉलिंग से होने वाली करोड़ों रुपये की अवैध कमाई को छुपाने के लिए गिरोह धन शोधन का सहारा ले रहा था। यह पूरा पैसा 'फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड जैसी विदेशी संस्थाओं से 'अरी पे' या 'ईपे' ऐप्स के जरिए गिरोह के सदस्यों और शामिल महिलाओं के बैंक खातों में डॉलर के रूप में हस्तांतरित किया जाता था।

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त 07 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 01 सीपीयू, 01 फोर्स कार (नंबर UP 85 DD 9194), 03 चेकबुक, 01 पासबुक, 03 डेबिट कार्ड व 01 आधार कार्ड और चमेट/चिलचैट ऐप से संबंधित साक्ष्य के 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट बरामद किए हैं।

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