पटना, जुलाई 09 -- िक्षकों के सतत शैक्षणिक सहयोग व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को ऑनलाइन उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शिक्षा विभाग, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, एससीईआरटी और मंत्रा4चेंज के संयुक्त प्रयास से किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राज्य की शैक्षणिक प्राथमिकताओं , मेंटरिंग व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा कक्षा-अवलोकन, विद्यालय और प्रखंड स्तर पर आयोजित होने वाली अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी, गुरु गोष्ठी तथा मासिक बैठकों की भूमिका पर भी विमर्श हुआ। साथ ही शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास, व्हाट्सऐप चैनलों के माध्यम से सतत शैक्षणिक सहयोग तथा बच्चों के अधिगम को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार की विभिन्न पहलों की जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षा निदेशक निशांत विवेक ने कहा कि सभी विद्यालयों में निपुण लक्ष्य एवं निपुण लोगो का प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के गृहकार्य एवं कार्यपुस्तिकाओं का नियमित अवलोकन करने तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति पर सतत निगरानी रखने का भी निर्देश दिया।
उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने, गतिविधि -आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विभाग की यह पहल समावेशी, गुणवत्तापूर्ण एवं बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा बच्चों के सीखने के परिणामों में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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