भुवनेश्वर , अगस्त 21 -- ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने शुक्रवार को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)-खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएमएमटी) को बधाई दी। संस्थान ने भुवनेश्वर में नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) के अनुसंधान एवं तकनीकी केंद्र (एनआरटीसी) में बिटुमिनस कोयले की फ्लाई ऐश को प्रसंस्करण करने और उससे कई तरह के मूल्य-वर्धित उत्पाद बनाने के लिए अपनी तरह का पहला स्वदेशी पायलट प्लांट विकसित किया है।
श्री कम्भमपति शुक्रवार को सीएसआईआर-आईएमएमटी पहुंचे और संस्थान द्वारा किए जा रहे विभिन्न अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और प्रदर्शन कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पीजीआईएम पायलट संयंत्र , खनिज प्रसंस्करण पायलट संयंत्र, टिकाऊ पुनर्चक्रण केंद्र और गहरे समुद्र में पाए जाने वाले पॉलीमेटैलिक नोड्यूल्स से चार तरह की धातुएं निकालने वाले टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन प्लांट का दौरा किया। इस दौरे के दौरान वित्त मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. बिपिन कुमार और सीएसआईआर-आईएमएमटी के निदेशक डॉ. रामानुजन नारायण भी मौजूद थे।
राज्यपाल ने प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों से बातचीत की और उन्हें संस्थान में चल रहे अनुसंधान और तकनीकी विकास के कामों के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने खनिज प्रसंस्करण, टिकाऊ पुनर्चक्रण और गहरे समुद्र में मिलने वाले पॉलीमेटैलिक नोड्यूल्स से कीमती धातुओं को निकालने के लिए विकसित की जा रही तकनीक में गहरी दिलचस्पी दिखायी। श्री कम्भमपति ने खनिज और सामग्री क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक विकसित करने और टिकाऊ समाधानों को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए सीएसआईआर-आईएमएमटी की तारीफ़ की। उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और अधिकारियों को उनके नवाचार के काम और तकनीकी विकास और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में योगदान के लिए बधाई भी दी।
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