नयी दिल्ली , फरवरी 18 -- एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज़ प्लेंकोविक ने बुधवार को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढाने के बारे में बातचीत की। श्री मोदी और करिस ने भविष्य की प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा प्रबंधन, कौशल विकास और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

वार्ता के बाद श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ," एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस के साथ उत्कृष्ट बैठक हुई, एक ऐसा देश जिसने प्रौद्योगिकी और एआई में उल्लेखनीय प्रगति की है। हमने अपने आर्थिक साझेदारी को और मजबूती देने के उपायों पर चर्चा की, विशेष रूप से भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में, जो ऐतिहासिक है। हमने भविष्य की प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा प्रबंधन, कौशल विकास और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया।"भारत और एस्टोनिया के बीच डिजिटल नवाचार, साइबर सुरक्षा, रक्षा तथा आर्थिक सहयोग पर आधारित सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। वर्ष 1991 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से दोनों देश सूचना प्रौद्योगिकी , ई-रेजिडेंसी और स्मार्ट ग्रिड प्रौद्योगिकियों में भागीदारी बढ़ा रहे हैं। हाल ही में दोनों पक्षों ने एआई और रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की है।

श्री मोदी और श्री प्लेंकोविक ने प्रौद्योगिकी, नवाचार, जहाज निर्माण, समुद्री अर्थव्यवस्था और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के माध्यम से संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को और गति देने पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा , " क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज़ प्लेंकोविक के साथ सार्थक चर्चा हुई। हमने प्रौद्योगिकी, नवाचार, जहाज निर्माण, समुद्री अर्थव्यवस्था और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और गति देने के उपायों पर विचार किया। साथ ही भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के प्रति उनके व्यक्तिगत समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया, जो भारत और यूरोप दोनों में लोगों के लिए अभूतपूर्व प्रगति लाएगा।"भारत और क्रोएशिया के बीच मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं जो 1992 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के संबंध सांस्कृतिक समानता, पर्यटन और प्रौद्योगिकी सहयोग पर आधारित हैं । पिछले वर्ष जून में प्रधान मंत्री मोदी की ऐतिहासिक यात्रा से रक्षा, कृषि, और एआई जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को और गति मिली है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित