रांची , अक्टूबर 07 -- झारखंड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), हजारीबाग ने सरकारी और वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री तथा गलत तरीके से दाखिल-खारिज किए जाने के मामले में तीन भूमि विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है।
तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
एसीबी के अनुसार, हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25, दिनांक 25 सितंबर 2025 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज है। कांड में तत्कालीन अंचलाधिकारी, अंचल निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक और स्थानीय भू-माफियाओं के खिलाफ वन भूमि, सरकारी जमीन एवं गैरमजरूआ खास किस्म की जंगल भूमि को कथित रूप से अवैध तरीके से हासिल करने, बेचने और गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने के आरोप हैं।
एसीबी के मुताबिक, इस मामले में पूर्व में तत्कालीन अंचलाधिकारी समेत अन्य सरकारी पदाधिकारियों, भूमाफियाओं, जमीन के क्रेताओं और विक्रेताओं को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
इसी मामले में बुधवार को एसीबी हजारीबाग की विशेष छापामारी टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन भूमि विक्रेताओं को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 68 वर्षीय विशेश्वर प्रजापति, पिता स्वर्गीय महावीर प्रजापति, 62 वर्षीय शंकर प्रजापति, पिता स्वर्गीय महावीर प्रजापति और 61 वर्षीय रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद, पिता स्वर्गीय रामेश्वर साव के रूप में हुई है। तीनों हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नयाखाप टोला मुकुन्दगंज के रहने वाले हैं।
एसीबी ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को विधिवत न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। मामले में जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेरफेर से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
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