जालना , मार्च 13 -- महाराष्ट्र भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने दावा किया है कि उन्होंने जिले के मंथा पुलिस थाना से एक पुलिस निरीक्षक और एक कांस्टेबल को रेत परिवहन वाहन के खिलाफ कार्रवाई न करने के एवज में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

एसीबी ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर इकाई की उसकी टीम ने गुरुवार रात को जाल बिछाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार राठौड़ और कांस्टेबल रवि गणपत जाधव के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता जो रेत परिवहन का व्यवसाय चलाते हैं, ने एसीबी से संपर्क किया क्योंकि दोनों अधिकारियों ने कथित तौर पर उनके रेत ढोने वाले वाहन को जब्त न करने के बदले में पैसे की मांग की थी।

जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने शुरू में ट्रांसपोर्टर से पुलिस कार्रवाई के बिना अवैध रेत की ढुलाई की अनुमति देने के लिए 50,000 रुपये मासिक भुगतान की मांग की थी। आरोप है कि 10,000 रुपये पहले ही ले लिए थे। जब अधिकारियों ने शेष राशि के लिए दबाव बनाना जारी रखा तो शिकायतकर्ता ने एसीबी को मामले की सूचना दे दी।

एसीबी द्वारा की गई जाँच में पता चला कि कांस्टेबल जाधव ने कुल 55,000 रुपये की माँग की थी, जिसमें 50,000 रुपये मासिक भुगतान और 5,000 रुपये अपने लिए शामिल थे।

अधिकारियों ने यह भी खुलासा किया कि निरीक्षक राठौड़ ने शिकायतकर्ता को एक अनुचित प्रस्ताव देकर इस सौदे को बढ़ावा दिया था। उन्होंने कथित तौर पर ट्रांसपोर्टर से कहा था कि अगर वह अवैध रेत परिवहन में शामिल दो अन्य वाहनों को पकड़ने में पुलिस की मदद करता है, तो उसे मासिक भुगतान में छूट दी जाएगी।

एसीबी ने बताया कि बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 30,000 रुपये तय की गई थी। सूचना मिलने पर एसीबी ने मंथा पुलिस थाने के गोपनीय शाखा कार्यालय में जाल बिछाया। एसीबी ने बताया कि कांस्टेबल जाधव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

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