जयपुर , मार्च 04 -- राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले के मामले में आरोपी एवं पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल तथा अन्य आरोपियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

एसीबी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन आरोपियो का पता लगाने के लिए गत 17 फरवरी से कुल 40 टीमें जुटी हैं।

इस दौरान जयपुर, उदयपुर, बाड़मेर, जोधपुर, झालावाड़, कोटा, नागौर, विराट नगर, निवाई टोंक, चंदवाजी आमेर, गगांपुर सिटी, नई दिल्ली, चण्डीगढ़, हरियाणा के फरीदाबाद, सोहना, यु.पी. में नोएडा, मेरठ, प्रयागराज, बुलंद शहर, खूर्जा तथा मुंबई इत्यादि व आस-पास के इलाके कुल करीब 21 शहरों में करीब 100 से अधिक ठिकानों पर उनका पता लगाने के प्रयास किए गए है।

इसके लिए अब तक करीब 50 लोगों से पूछताछ की गई, जिनमें उनके करीबी रिश्तेदार, दोस्त, नौकर, ड्राईवर, आश्रय देने वाले व्यक्ति शामिल हैं। इसके अलावा आरोपियों के पांच शहरों में स्थित परिवारजनों, रिश्तेदारों एवं दोस्तों के ठिकानों के सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण कर सूचनाऐं संकलित की जा रही हैं।

दिल्ली, मुंबई, नोएडा, फरीदाबाद, मेरठ में सहयोग देने वाले चार व्यक्तियों में गौरव अग्रवाल शामिल हैं जो सुबोध अग्रवाल के मौसेरे भाई हैं जिन्हें मुंबई से पकड़ा गया। इसके अलावा दूसरे मौसेरे भाई सौरभ अग्रवाल को फरीदाबाद से पकड़ा गया है। इनके अलावा दो और लोगों को भी पकड़ा गया है। इन्हें पूछताछ के लिए नोएडा लाया गया है।

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