भुवनेश्वर , जुलाई 22 -- ओडिशा सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के खिलाफ अत्याचार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे और प्रभावी अभियोजन के लिए छह विशिष्ट विशेष अदालतों की स्थापना की अधिसूचना जारी की है।आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह निर्णय उड़ीसा उच्च न्यायालय से आवश्यक परामर्श और उसकी सिफारिशों के बाद लिया गया है। सरकार ने इसे पीड़ित-केंद्रित न्याय सुनिश्चित करने, सामाजिक समानता को बढ़ावा देने और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

नयी अदालतें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष अदालत के रूप में कार्य करेंगी। इनका अधिकार क्षेत्र भद्रक, गंजाम (बरहामपुर), जाजपुर, केंद्रापड़ा, पुरी तथा खुर्दा राजस्व उपमंडल तक होगा।

सरकार का कहना है कि इन अदालतों की स्थापना का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों के लंबित बोझ को कम करना और उनके शीघ्र निस्तारण को सुनिश्चित करना है।यह पहल ओडिशा पुलिस मुख्यालय की राज्य मानवाधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ (एसएचआरपीसी) के प्रयासों का परिणाम है। प्रकोष्ठ ने लंबित मामलों का विस्तृत आकलन कर उन जिलों की पहचान की थी, जहां विशेष अदालतों की आवश्यकता है।

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