भुवनेश्वर , मार्च 30 -- ओडिशा विधानसभा में कटक के श्रीराम चंद्र भांजा (एससीबी) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लगी भीषण आग और 13 मरीजों की मौत के मुद्दे पर सोमवार को भी हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई। यह लगातार 10वां दिन था जब विधानसभा की कार्यवाही स्थगित हुई।
बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस के विपक्षी सदस्यों ने इस घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन में हंगामा किया।
विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने हालांकि इस गतिरोध को सुलझाने के लिए कई सर्वदलीय बैठकें बुलाईं लेकिन यह गतिरोध अभी भी बना हुआ है। विपक्षी दलों का मानना है कि 16 मार्च को ट्रॉमा केयर आईसीयू में हुई इस दुखद घटना के लिए मंत्री नैतिक रूप से जिम्मेदार हैं।
प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य हाथों में तख्तियां लिए और नारे लगाते हुए सदन के वेल में आ गए। उन्होंने मंत्री के इस्तीफे, तत्कालीन अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ितों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से बार-बार अपील की कि वे अपनी सीटों पर लौट जाएं और सदन की कार्यवाही चलने दें, लेकिन उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ। लगातार हंगामे के बीच सदन शाम 4 बजे तक बार-बार स्थगित होता रहा।
विपक्ष ने घायलों के लिए मुफ्त और बेहतर इलाज, कम से कम 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद और अस्पताल के अधीक्षक, अधिकारियों, कर्मचारियों और इलेक्ट्रिकल ठेकेदार समेत जिम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।
विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इस विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने मांग की कि पूरे राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में आग से सुरक्षा के उपायों का ऑडिट किया जाए।
आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी देते हुए विपक्षी नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो यह आंदोलन पूरे राज्य में फैल जाएगा।
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