मुंबई , अगस्त 27 -- ऑनलाइन बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान की सुविधाओं से जुड़े जोखिमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एसवीसी सहकारी बैंक ने एक अभियान चलाकर 19 हजार से अधिक लोगों को जागरूक किया है।
इस मुहिम के तहत बैंक कर्मचारियों ने शाखा के आसपास की 213 हाउसिंग सोसाइटियों में जाकर 19,061 से ज्यादा लोगों से बातचीत की और उन्हें डिजिटल फ्रॉड से बचने के आसान तरीके बताये। इस दौरान फिशिंग, फर्जी निवेश योजनाओं, ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे मामलों के बारे में लोगों को बताया गया। लोगों को यह भी समझाया गया कि बैंक के असली संचार और आधिकारिक सेंडर आईडी की पहचान कैसे करें।
सहकारी बैंक ने गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्मों ने रोजमर्रा के काम आसान कर दिये हैं, लेकिन इसके साथ साइबर फ्रॉड का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में, किसी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में अपनी 203 ब्रांच के जरिये उसने साइबर जागरूकता मुहिम चलायी।
एसवीसी सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक रविंदर सिंह ने कहा, "साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता सबसे जरूरी सुरक्षा बन गई है। हमारा प्रयास है कि लोग फ्रॉड की कोशिशों को समय रहते पहचानें और उसका शिकार होने से बचें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित