नयी दिल्ली , सितंबर 07 -- कोई जब पदक जीता जाता है तो दुनिया केवल जीत का वह क्षण देखती है, लेकिन उस पदक तक पहुंचने का सफर वर्षों लंबा होता है। इसकी शुरुआत करने के लिए साहस, आगे बढ़ते रहने के लिए दृढ़ता और असफलताओं पर विजय पाने के लिए आत्मविश्वास की जरूरत होती है। साथ ही, अक्सर परिवार, प्रशिक्षकों और प्रियजनों का वह मौन सहयोग भी इस सफर का अहम हिस्सा होता है, जो दुनिया के मंच पर खिलाड़ी को देखने से बहुत पहले उसके सपनों के साथ खड़े रहते हैं। ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के सराहनीय प्रदर्शन के पीछे छिपी इन कहानियों को सम्मान देने के उद्देश्य से एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के साथ मिलकर भारत के उन पैरा खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिन्होंने देश के लिए सात पदक जीते। इनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं।
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित झिंगरन और भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने जिन पदक विजेताओं को सम्मानित किया, उनमें शर्मिला धनकर (स्वर्ण, महिला गोला फेंक एफ57), दिलीप महादू गावित (स्वर्ण, पुरुष 100 मीटर टी47), सोमन राणा (स्वर्ण, पुरुष गोला फेंक एफ57), मोहम्मद बेसिल मोर्सिंगनकथ (रजत, पुरुष 100 मीटर टी47), शुभम जुयाल (रजत, पुरुष गोला फेंक एफ57), शिल्पा शायला (कांस्य, महिला गोला फेंक एफ57) और झंडू कुमार (कांस्य, पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग) शामिल हैं। इसके साथ ही इन खिलाड़ियों के कोचों को भी सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) अमित झिंगरन ने कहा, "हमारे पैरा खिलाड़ियों की प्रेरणादायक कहानियां पूरी दुनिया तक पहुंचनी चाहिए। हर बार जब कोई पैरा खिलाड़ी जीतता है, तो वह पूरे समाज की जीत होती है। यह हमारे महान राष्ट्र की समावेशी सांस्कृतिक संरचना के बारे में बहुत कुछ कहता है। भारतीय पैरालंपिक समिति के साथ एसबीआई लाइफ की साझेदारी का उद्देश्य हमारे पैरा खिलाड़ियों की संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक पृष्ठभूमि की कहानियों को सामने लाना है, ताकि वे व्यापक समाज के लिए प्रेरणा बन सकें।" उन्होंने आगे कहा, "इन असाधारण खिलाड़ियों को सम्मानित करना हमारे लिए गौरव की बात है। हम उन्हें केवल देश के लिए जीते गए पदकों के लिए नहीं, बल्कि उत्कृष्टता हासिल करने के उनके जज्बे के लिए भी सम्मानित कर रहे हैं। उनकी यात्राएं हमें याद दिलाती हैं कि उपलब्धि केवल इस बात से परिभाषित नहीं होती कि हमने क्या हासिल किया है, बल्कि इसकी शुरुआत करने के साहस, आगे बढ़ते रहने की दृढ़ता और इस सफर में हमारे साथ खड़े रहने वाले लोगों से भी होती है।"भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा, "हर पदक के पीछे दृढ़ संकल्प, त्याग और संघर्ष से भरी एक यात्रा होती है। इस यात्रा में परिवार, प्रशिक्षक और अनगिनत सहयोगी शामिल होते हैं, जो दुनिया द्वारा पदक देखने से बहुत पहले ही खिलाड़ी की क्षमता पर विश्वास करते हैं। ग्लासगो 2026 में जीते गए सात पदक भारत के लिए गर्व का क्षण हैं और भारतीय पैरा खेलों की बढ़ती ताकत का प्रतिबिंब भी हैं। हम एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के आभारी हैं कि उसने इन उपलब्धियों के पीछे की कहानियों और, सबसे महत्वपूर्ण, इन यात्राओं को संभव बनाने वाले लोगों को पहचान दी है। इस तरह की साझेदारियां हमारे खिलाड़ियों के आसपास मौजूद खेल तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि उनकी आकांक्षाओं को वह समर्थन मिले, जिसके वे हकदार हैं। क्योंकि पदक भले ही सम्मान का एक क्षण होता है, लेकिन उसके पीछे की कहानी जीवनभर की कड़ी मेहनत की कहानी होती है।"भारतीय दल अब आइची-नागोया 2026 एशियाई पैरा खेलों की तैयारियों की ओर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में एसबीआई लाइफ भारतीय पैरालंपिक समिति के साथ अपना जुड़ाव जारी रखेगा और देश के पैरा खेल तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ खिलाड़ियों के नए सपनों और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की उनकी यात्रा में उनके साथ खड़ा रहेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित