नैनीताल , मार्च 24 -- उत्तराखंड की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और पुलिस की टीम ने अवैध हथियारों के साथ दो तस्करों को जसपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक शातिर किस्म का अपराधी है।
एसटीएफ की ओर से मंगलवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया गया कि कुमाऊं एसटीएफ और जसपुर पुलिस को अवैध शस्त्रों की तस्करी के संबंध में सूचना मिली थी। एसटीएफ के निरीक्षक पावन स्वरूप अग्रवाल और जसपुर के थाना प्रभारी गोविंद मेहता की अगुवाई में पुलिस टीम ने तस्करों को गिरफ्तार करने के लिए अपना जाल बिछा लिया।
इसी दौरान दो तस्कर शमशेर सिंह निवासी ग्राम हजीरा, जसपुर, ऊधमसिंह नगर और सिमरनजीत निवासी अंजनिया फार्म, जसपुर, पुलभट्टा, ऊधमसिंह नगर पुलिस जाल में फंस गए। दोनों के पास से स्वचालित हथियार भी बरामद किए गए हैं। जिनमें दो पम्प एक्शन गन, दो पिस्टल (.32 बोर) और 10 जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त कार को भी कब्जे में ले ली है।
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे बरामद हथियार को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से तस्लाकरी कर लाये हैं और जसपुर में बेचने की फिराक में थे। यह भी पता चला है कि इन हथियारों को फर्जी लाइसेंस के जरिए वैध दिखाकर आगे आपूर्ति करने की योजना थी। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
गिरफ्तार अभियुक्त सिमरनजीत थाना पुलभट्टा का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस कार्रवाई से दो राज्यों में सक्रिय गैंग के नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता मिली है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली जसपुर में शस्त्र अधिनियम एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पिछले दो सप्ताह में पुलिस की अवैध हथियारों के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। महज 10 दिनों में एसटीएफ ने पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर छह तमंचे, दो पम्प एक्शन गन, दो पिस्टल और 31 कारतूस बरामद किए हैं। इस संयुक्त कार्यवाही में एसटीएफ, मादक द्रव्य निरोधक बल और जसपुर पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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