चंडीगढ़ , अप्रैल 22 -- शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने आरोप लगाते हुए कहा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अधिकारियों का ज्ञानी रघबीर सिंह के सामान की तलाशी लेना और उनसे गेट पास मांगना धार्मिक शख्सियतों का घोर अपमान है।

शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के महासचिव हरबंस सिंह कंधोला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरपूर सिंह धांदरा और भजन सिंह शेरगिल ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई 2 दिसंबर 2024 को अकाली दल बादल के खिलाफ हुई धार्मिक कार्रवाई का बदला लेने के उद्देश्य से की गई है।

इन नेताओं ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि जब भी उच्च धार्मिक पदों पर आसीन शख्सियतें शिरोमणि कमेटी पर काबिज परिवार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती हैं, तो उन्हें इसी तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत ज्ञानी रणजीत सिंह से हुई, जिन्हें 1999 में उस समय हटाया गया था जब प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री थे और नई कार्यकारिणी कमेटी बनाई गई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके बाद आए ज्ञानी पूरण सिंह को भी हटाया गया और उन्हें अपमानजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इसी क्रम को जारी रखते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह और फिर ज्ञानी रघबीर सिंह को भी पदों से हटाया गया। अब ज्ञानी रघबीर सिंह को सामान ले जाते समय परेशान करने की नई परंपरा शुरू की गई है।

इन अकाली नेताओं ने संगत से अपील की कि वे इस अपमानजनक घटना के खिलाफ जोरदार आवाज उठाएं।

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