अमृतसर , फरवरी 23 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के प्रतिनिधियों ने दिल्ली में आयोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के अधिकारियों से बातचीत की तथा सिख धर्म से संबंधित मुद्दों को उठाया।
शिरोमणि समिति के उप सचिव हरभजन सिंह ने सोमवार को बताया शिरोमणि समिति के प्रतिनिधियों ने एआई तकनीक के उपयोग से धार्मिक क्षेत्र में सामग्री के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि शिरोमणि समिति ने सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर करमवीर सिंह के नेतृत्व में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित इस सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने बताया कि शिरोमणि समिति एआई तकनीक की मदद से सिख विरोधी गतिविधियों को रोकने का प्रयास कर रही है, साथ ही गुरबानी और सिख इतिहास से संबंधित डेटा बैंक बनाने पर भी काम कर रही है।
श्री सिंह ने बताया कि सम्मेलन के दौरान शिरोमणि समिति के प्रतिनिधियों ने गूगल, मेटा और ओपन एआई जैसी प्रमुख कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क किया और उनसे अपने सिस्टम में ऐसे कीवर्ड शामिल करने का अनुरोध किया, जिनके माध्यम से धर्म के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि शिरोमणि समिति ने पंजाबी और गुरमुखी भाषाओं से संबंधित प्रामाणिक डेटा को शामिल करने और पवित्र प्रतीकों और धार्मिक पहचान के दुरुपयोग को रोकने के लिए तकनीकी सुरक्षा उपायों को लागू करने का भी प्रस्ताव रखा है।
श्री सिंह ने कहा कि इन कंपनियों के अधिकारियों ने एसजीपीसी की बात को गंभीरता से सुना और हर संभव समाधान के लिए काम करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस युग में धार्मिक स्वतंत्रता, गरिमा और संवेदनशीलता की रक्षा करना हम सबका साझा दायित्व है। एसजीपीसी इस क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है और आवश्यकतानुसार, इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की सलाह पर समय-समय पर प्रयास जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही एसजीपीसी विभिन्न संस्थानों, संस्थाओं और निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगों से संपर्क करके इस आधुनिक प्रौद्योगिकी के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के प्रयास भी करेगी।
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