अमृतसर , मार्च 14 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने शनिवार को एसजीपीसी के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे ड्यूटी के दौरान पारंपरिक सिख पहनावे के अनुसार कुर्ता-पजामा पहनना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गुरु घरों (गुरुद्वारों) में सेवा निभाने वाले हर सेवादार और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वे अपने पहनावे और व्यवहार के माध्यम से सिख परंपराओं की मर्यादा को मजबूत करें।
गुरुद्वारा श्री मंजी साहब दीवान हॉल में संवत नानकशाही 558 के आगमन के संबंध में रखे गये श्री अखंड पाठ साहब के भोग के बाद अपने संबोधन में एडवोकेट धामी ने कहा कि सिख कौम की परंपराएं बहुत शानदार हैं और यह हमारी पहचान का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों का प्रबंधन संगत के सहयोग से चलता है, इसलिए सेवादारों और अधिकारियों को सादगी भरा और पारंपरिक पहनावा अपनाना चाहिए। इससे सिख सिद्धांतों की झलक मिलती है। उन्होंने कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया कि हर रोज ड्यूटी की शुरुआत सामूहिक रूप से 'मूल मंत्र' और 'वाहेगुरु गुरमंतर' के जाप के साथ की जाये। इस अवसर पर एडवोकेट धामी ने कर्मचारियों के लिए एक अप्रैल से चार प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कल्याण का ध्यान रखना एसजीपीसी की जिम्मेदारी है, लेकिन कर्मचारियों का संस्थान और मर्यादा के प्रति समर्पण सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने संगत को नानकशाही नये साल की बधाई देते हुए अरदास की कि अकाल पुरख (ईश्वर) पूरी मानवता पर अपनी कृपा बनाये रखें।
इस मौके पर सचखंड श्री हरिमंदर साहिब के हजूरी रागी भाई हरजीत सिंह के जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन किया। अरदास भाई प्रेम सिंह ने की और पावन हुकमानामा के बाद सचखंड श्री हरिमंदर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी परविंदरपाल सिंह ने कथा विचार साझा किये।
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