लखनऊ , मई 20 -- संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में एसएसआई मंत्रा के सहयोग से बुधवार को दो दिवसीय "हैंड्स-ऑन पीडियाट्रिक रोबोटिक सर्जरी कार्यशाला" का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपरस्पेशलिटी विभाग द्वारा पीएमएसएसवाई ब्लॉक में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यशाला के अंतर्गत अत्याधुनिक एसएसआई मंत्रा रोबोटिक सर्जरी मोबाइल ट्रेनिंग यूनिट को पीएमएसएसवाई भवन के सामने स्थापित किया गया है, जहां चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को रोबोटिक सर्जरी का व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं लाइव सिमुलेशन अनुभव दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमन ने किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं रोबोटिक कंसोल पर सिमुलेशन अभ्यास कर तकनीकी पहलुओं का अवलोकन किया तथा रोबोटिक सर्जरी की उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रोबोटिक तकनीक आधुनिक शल्य चिकित्सा को नई दिशा प्रदान कर रही है और आने वाले समय में इसका महत्व और बढ़ेगा।

यह कार्यशाला विभागाध्यक्ष प्रो. बसंत कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है। संचालन में सहायक आचार्य डॉ. रोहित कपूर, डॉ. निशांत अग्रवाल, डॉ. तरुण कुमार सहित विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों और ऑपरेशन थिएटर स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

प्रो. बसंत कुमार ने बताया कि पिछले चार वर्षों में विभाग द्वारा 150 से अधिक जटिल रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं, जिससे एसजीपीजीआई पीडियाट्रिक रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में शामिल हो गया है।

कार्यशाला में विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य, सीनियर रेजिडेंट्स और सर्जन्स ने भाग लिया। प्रतिभागियों को एसएसआई मंत्रा रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की क्षमताओं से परिचित कराने के लिए इंटरैक्टिव डेमो, शैक्षणिक सत्र और सिमुलेशन अभ्यास आयोजित किए गए।

इस आयोजन का उद्देश्य न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी तकनीकों को बढ़ावा देना, शल्य चिकित्सा की सटीकता बढ़ाना और रोगियों के उपचार परिणामों में सुधार करना बताया गया है। संस्थान में स्थापित यह मोबाइल रोबोटिक ट्रेनिंग यूनिट न केवल चिकित्सकों के प्रशिक्षण का माध्यम बन रही है, बल्कि आम जनता में रोबोटिक सर्जरी के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है।

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