जयपुर , मई 08 -- राजस्थान में अंगदान के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में शुक्रवार को प्रदेश का 83वां कैडेवर अंगदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि जयपुर के वाटिका ग्राम निवासी ओमप्रकाश सोनी (44) के परिजनों ने ब्रेन डेड घोषित होने के बाद ओमप्रकाश के अंगदान कर तीन लोगों को नया जीवन दिया है। श्रीमती राठौड़ ने बताया कि श्री सोनी गत तीन मई को एक अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रुप से घायल हो गए और चिकित्सकों द्वारा लगातार प्रयास किए गए लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और सात मई को उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया था।

एसएमएस अस्पताल के नोडल अधिकारी, अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम, डॉ. मुकेश भास्कर एवं ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर टीम तथा मोहन फाउण्डेशन के प्रतिनिधियों ने परिजनों को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया। इसके बाद श्री सोनी की पत्नी सीमा सोनी एवं उनके भाई महेंद्र सोनी ने संवेदनशील और मानवीय निर्णय लेते हुए श्री ओमप्रकाश की दोनों किडनी एवं लीवर दान करने की सहमति प्रदान की।

चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल ने बताया कि दान की गई दोनों किडनियों को ग्रीन कॉरिडोर की सहायता से दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलियरी साइंसेज भेजा गया, जहां उनका प्रत्यारोपण किया जाएगा वहीं लीवर का प्रत्यारोपण सवाई मानसिंह चिकित्सालय में किया गया।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से राजस्थान में अंगदान को लेकर लगातार सकारात्मक वातावरण बन रहा है। अब तक प्रदेश में कुल 83 कैडेवर अंगदान के माध्यम से 291 अंग एवं ऊतक दान किए जा चुके हैं। अब तक 154 किडनी, 71 लीवर, 35 हार्ट, 9 फेफड़े, 2 हार्ट वाल्व, 2 पैंक्रियास, 18 कॉर्निया अंगदान के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। सवाई मानसिंह चिकित्सालय में अब तक 36 कैडेवर अंगदान सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, जो राज्य में अंगदान आंदोलन को नई दिशा दे रहे हैं।

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