भुवनेश्वर , अगस्त 31 -- ओडिशा राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) राज्य में होने वाले पंचायत और नगरपालिका चुनावों से पहले मतदाता सूची में कमियों को ठीक करने के लिए भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) इलाके के तीन वार्डों में एक खास पायलट सर्वे शुरू करेगा।

एसईसी के सूत्रों ने सोमवार को बताया कि बीएमसी के अंतर्गत आने वाले तीन विधानसभा क्षेत्रों में तीन से 11 सितंबर तक घर-घर जाकर पायलट सर्वे किया जाएगा। इस सर्वे में भुवनेश्वर-उत्तर विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 10, भुवनेश्वर-मध्य विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 35 और भुवनेश्वर-एकामरा विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 52 शामिल होंगे। पायलट सर्वे के बाद, पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के लिए वोटर लिस्ट को व्यवस्थित, पारदर्शी, सही और त्रुटि-मुक्त बनाने के लिए 26 अक्टूबर से सात नवंबर तक बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) और अन्य अधिकारियों द्वारा पूरे राज्य में घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार इस सर्वे का मुख्य मकसद एक ही परिवार के सदस्यों का अलग-अलग मतदान केंद्र पर नाम दर्ज होना और घरों की संख्या को लेकर उलझन जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान ढूंढना है। शहरी इलाकों में, कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदान की भौगोलिक सीमाएं स्पष्ट नहीं हैं। नतीजतन, कभी-कभी 10 से 12 अलग-अलग इलाकों के वोटरों का नाम एक ही मतदान केंद्र पर दर्ज होता है। कुछ मामलों में एक वार्ड के निवासियों को दूसरे वार्ड में वोट डालना पड़ता है। ऐसी गड़बड़ियों से अक्सर मतदाताओं को परेशानी होती है और वे वोट डालने के लिए मतदान केंद्र जाने से कतरा सकते हैं।

एसईसी इस सर्वे के ज़रिए यह पक्का करना चाहता है कि जहां भी संभव हो, एक ही परिवार के सभी योग्य सदस्यों का नाम एक ही मतदान केंद्र पर दर्ज हो। इसी तरह, किसी खास वार्ड के वोटर जिनका नाम अभी अलग-अलग वार्डों में दर्ज है, उन्हें जांच-पड़ताल के बाद सही वार्ड में शामिल किया जाएगा। आयोग का मानना है कि मतदान केंद्र और वार्ड के हिसाब से मतदाता सूची को व्यवस्थित करने से शहरी इलाकों में कम वोटिंग की समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है और नागरिकों के लिए मतदान प्रक्रिया ज़्यादा सुविधाजनक हो सकती है।

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