रायपुर , अप्रैल 01 -- साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड की एकमात्र ऐसी सहायक कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जिसने कोयला उत्पादन, प्रेषण (ऑफटेक) और ओवरबर्डन निष्कासन (ओबीआर) तीनों प्रमुख मानकों में एक साथ सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।

एसईसीएल के पीआरओ ने बुधवार को बताया कि एसईसीएल का कुल कोयला उत्पादन 176.2 मिलियन टन रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 5.26 प्रतिशत (8.8 मिलियन टन) अधिक है। वहीं, कोयला प्रेषण 178.6 मिलियन टन दर्ज किया गया, जिसमें 4.6 प्रतिशत (7.9 मिलियन टन) की वृद्धि हुई है। प्रेषण के क्षेत्र में रेल माध्यम से 16 प्रतिशत तथा एफएमसी के माध्यम से 28 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

उन्होंने बताया कि ओवरबर्डन निष्कासन के क्षेत्र में भी कंपनी ने नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 364.3 मिलियन क्यूबिक मीटर का अब तक का सर्वाधिक स्तर प्राप्त किया। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण में भी ऐतिहासिक प्रगति करते हुए 358 हेक्टेयर भूमि अर्जित की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 867 प्रतिशत अधिक है।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एसईसीएल ने 13.96 लाख पौधरोपण कर नया रिकॉर्ड बनाया तथा मियावाकी पद्धति के माध्यम से सघन वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया। 43.78 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित कर लगभग 41,200 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई गई। इसके अतिरिक्त 408 लाख किलोलीटर खदान जल का उपयोग कर 3800 से अधिक हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुनिश्चित की गई।

क्षमता विस्तार के तहत पर्यावरण स्वीकृतियों के माध्यम से 2.16 मिलियन टन प्रति वर्ष अतिरिक्त क्षमता सुनिश्चित की गई, जबकि भविष्य के विस्तार के लिए 39.02 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ। नई परियोजनाओं में दुर्गापुर खुली खदान (10 मिलियन टन प्रति वर्ष) और अमृतधारा भूमिगत परियोजना को स्वीकृति प्राप्त हुई है।

उन्होंने बताया कि कोयला गुणवत्ता में सुधार करते हुए ग्रेड पुष्टिकरण को 68 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत तक पहुंचाया गया। डिजिटल प्रणाली 'डिजीकोल' के माध्यम से रियल टाइम निगरानी और पारदर्शिता को मजबूत किया गया, जिसे केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

रोजगार के क्षेत्र में एसईसीएल ने 511 आश्रितों को रोजगार प्रदान कर अब तक का सर्वोच्च स्तर हासिल किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा 754 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार दिया गया तथा 42 माइनिंग सरदारों की नियुक्ति की गई।

पारदर्शी खरीद प्रक्रिया के तहत सरकारी ई-बाजार (जेम) पोर्टल के माध्यम से 25,799 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीद की गई। प्रशासनिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में कंपनी ने विशेष अभियान 5.0 में लगातार तीसरी बार शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

तकनीकी नवाचार के तहत एसईसीएल देश की पहली कोयला सार्वजनिक उपक्रम बनी जिसने पेस्ट फिल तकनीक लागू की। औसतन 53.2 रेक प्रतिदिन कोयला प्रेषण के साथ परिवहन व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया। रेल कॉरिडोर परियोजनाओं के माध्यम से कोयला निकासी तंत्र को और मजबूत किया गया।

विविधीकरण की दिशा में कंपनी ने कोयला गैसीकरण, उच्च दक्षता तापीय विद्युत, कोयला धुलाई, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज तथा दुर्लभ तत्वों के निष्कर्षण जैसे क्षेत्रों में भी प्रगति की है।

कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत 365.39 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति दी गई, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और आजीविका के क्षेत्र में प्रभावी साबित हो रहे हैं। महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत पूर्णतः महिला संचालित औषधालय और केंद्रीय भंडार इकाई की स्थापना भी की गई है।

अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की यह उपलब्धि कर्मचारियों के समर्पण, कठोर परिश्रम और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि कंपनी भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।

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