कोरबा , जुलाई 13 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की गेवरा परियोजना में हो रहे भीषण धमाकों को लेकर आसपास के गांवों के ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नरईबोध गांव के लोगों ने आरोप लगाया है कि लगातार किए जा रहे विस्फोटों के कारण उनके मकानों में दरारें पड़ रही हैं और उड़कर आने वाले पत्थरों से जान-माल का खतरा भी बढ़ गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, गेवरा परियोजना में नियमित रूप से की जा रही 'हैवी ब्लास्टिंग' का असर सीधे नरईबोध गांव पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि विस्फोट इतने तीव्र होते हैं कि घरों की दीवारों में दरारें उभर आई हैं। कई बार ब्लास्टिंग के दौरान बड़े-बड़े पत्थर उड़कर घरों की छत और आंगन तक पहुंच जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार प्रबंधन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई स्थायी पहल नहीं की गई है। उनका आरोप है कि प्रबंधन खनन गतिविधियों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि प्रभावित परिवारों से जुड़े मुआवजा, रोजगार और विस्थापन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे अब भी लंबित हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित