प्रयागराज , अगस्त 15 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में पहली बार हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। 72 वर्षीय मरीज लवकुश सिंह का आधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीक से ऑपरेशन किया गया।
अस्पताल के चिकित्सकों ने शनिवार को बताया कि मिनिमली इनवेसिव तकनीक में अपेक्षाकृत छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे आसपास की मांसपेशियों और ऊतकों को कम क्षति पहुंचती है। इस तकनीक के माध्यम से मरीज को ऑपरेशन के बाद शीघ्र चलने-फिरने तथा सामान्य जीवनचर्या में लौटने में सुविधा होती है।
उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इस प्रकार की उन्नत एवं महंगी सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। एसआरएन अस्पताल में इस सुविधा की शुरुआत को आधुनिक अस्थि शल्य चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. ए.के. वर्मा ने कहा कि एसआरएन अस्पताल का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर उपचार के लिए अन्य जिलों या राज्यों में न जाना पड़े।
सर्जरी का नेतृत्व स्वयं प्रो. डॉ. ए.के. वर्मा ने किया। उनके साथ डॉ. नवीन सिंह और सर्जिकल टीम ने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया। एनेस्थीसिया टीम तथा डॉ. अनिल सिंह ने मरीज को सुरक्षित एनेस्थीसिया प्रदान किया। वहीं इंचार्ज अनुपम सिंह, नर्सिंग स्टाफ और अन्य सहयोगियों ने भी सर्जरी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज लवकुश सिंह की स्थिति संतोषजनक है और उन्हें रिकवरी के लिए वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है।
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