होशियारपुर , जुलाई 5 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने रविवार को कहा है कि वह 2015 के बेअदबी और उससे जुड़े पुलिस फायरिंग मामलों की जांच कर रही पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के समक्ष अपनी व्यस्तता के चलते छह जुलाई के बजाए सात जुलाई को पेश होंगे।
उन्होंने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों का हवाला देते हुए एसआईटी को लिखित रूप से इस बारे में सूचित कर दिया है। श्री सांपला ने यहां जारी बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि वह पहले भी एसआईटी के सामने पेश होकर जांच में सहयोग कर चुके हैं और लिखित रूप से यह भरोसा दिया है कि जांच के हर चरण में पूरा सहयोग करेंगे।
हालांकि, श्री सांपला ने दोहराया कि एसआईटी उन्हें वे सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और संचार उपलब्ध कराए जिनके आधार पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी नागरिक से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए बिना जवाब मांगना प्राकृतिक न्याय और विधिक प्रक्रिया के सिद्धांतों के विपरीत है।उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद एसआईटी ने अब तक वह सामग्री उपलब्ध नहीं कराई है, जिन पर कथित रूप से उनके हस्ताक्षर आधारित बताए जा रहे हैं या जो जांच का आधार हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक बार फिर दावा किया कि उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार जनता का ध्यान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से हटाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।
श्री सांपला ने कहा कि सरकार को नशे, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और रुके हुए विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन इसके बजाय राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें संविधान, न्यायपालिका और कानून के शासन पर पूरा विश्वास है तथा वह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का स्वागत करते हैं, बशर्ते जांच प्राकृतिक न्याय, पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया के सिद्धांतों के अनुरूप हो।
गौरतलब है कि एसआईटी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 179(1) के तहत विजय सांपला को नोटिस जारी कर 6 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया था। इससे पहले वह 23 जून को भी एसआईटी के समक्ष पेश हो चुके हैं।
श्री सांपला का कहना है कि उनसे 2018 में पंजाब के राज्यपाल को भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के संबंध में पूछताछ की जा रही है। उस समय दोनों दल गठबंधन में थे।
एसआईटी वर्ष 2015 में फरीदकोट जिले के बाजाखाना थाने में दर्ज दो मामलों की जांच कर रही है। ये मामले बरगाड़ी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं, पवित्र स्वरूप की चोरी, आपत्तिजनक पोस्टर मिलने होने से जुड़े हैं। इन घटनाओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान अक्टूबर 2015 में पुलिस फायरिंग में बेहबल कलां में गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।
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