रांची , सितंबर 23 -- झारखण्ड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, मतदात के नाम से संबंधित आपत्ति दर्ज अथवा अपना नाम विलोपित कराने अथवा प्रविष्टियों में सुधार एवं स्थानांतरण के लिए अब सिर्फ 7 दिन शेष हैं, दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 30 सितम्बर 2026 निर्धारित की गई है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करें। जिन पात्र नागरिकों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 एवं आवश्यक घोषणा पत्र 30 सितम्बर तक इसीनेट के माध्यम से अथवा संबंधित बीएलओ के सहयोग से अवश्य जमा करें।

उन्होंने कहा कि 30 सितम्बर 2026 के बाद निर्वाचन मशीनरी द्वारा एसआईआर के अगले चरण की कार्रवाई की जाएगी।

इसमें प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के डिजिटाइजेशन, आवेदनों की जांच, आवश्यकतानुसार नोटिस जारी करने, सुनवाई की प्रक्रिया तथा इसके उपरांत अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इसलिए पात्र नागरिकों के लिए दावा-आपत्ति एवं आवेदन जमा करने का वर्तमान चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि फॉर्म-7 के माध्यम से दर्ज आपत्तियों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच एवं सुनवाई के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। केवल फॉर्म-7 जमा कर देने मात्र से किसी मतदाता का नाम स्वतः विलोपित नहीं होगा। इसी प्रकार फॉर्म-8 के माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार, पते में परिवर्तन अथवा निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम स्थानांतरित कराने के लिए आवेदन किया जा सकता है।

उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, बीएलए, बीएलओ तथा निर्वाचन से जुड़े पदाधिकारी एवं कर्मियों से भी अनुरोध किया कि वे अपने क्षेत्र के पात्र नागरिकों, विशेषकर ऐसे युवाओं जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने के लिए जागरूक एवं सहयोग करें।

श्री कुमार ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा मतदाता सूची शुद्ध एवं अद्यतन हो। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने नाम एवं विवरण की जांच कर लें और आवश्यकता होने पर संबंधित प्रपत्र 30 सितम्बर से पहले अवश्य जमा करें, इसके उपरांत दावा आपत्ति हेतु अतिरिक्त समय नहीं बढ़ाया जा सकेगा।

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