पटना , अक्टूबर 08 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर ) के विरोध में महागठबंधन के राजभवन मार्च को लेकर विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्ष के इस प्रदर्शन से इससे ज्यादा उम्मीद भी नहीं की जा सकती।श्री सरावगी ने आज बयान जारी कर कहा कि यह आंदोलन आम मतदाताओं के हित में नहीं, बल्कि घुसपैठियों, दोहरी प्रविष्टियों, मृतकों और स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के विरोध में किया जा रहा है।

श्री सरावगी ने कहा कि जिन लोगों के नाम एसआईआर के दौरान हटाए गए हैं, उनमें घुसपैठियों, डबल एंट्री, मृतक और परमानेंट शिफ्टेड मतदाताओं के नाम शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल लंबे समय तक बूथ कब्जाकर चुनाव जीतने की राजनीति करते रहे हैं और अब एसआईआर के कारण उनकी राजनीतिक परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आम जनता ने जिन लोगों को चुनाव में नकारा है, वे अब राजनीतिक बदहवासी में इस तरह के प्रदर्शन कर रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महागठबंधन के नेता राजभवन मार्च कर रहे हैं, जबकि भाजपा के प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल ने समय दिया था और भाजपा नेता निर्धारित कार्यक्रम के तहत महामहिम से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि राजभवन की सुरक्षा व्यवस्था के तहत गेट पर बैरिकेडिंग और लोगों को रोकना स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसे लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहा है, उससे उसकी राजनीतिक बेचैनी साफ दिखाई देती है।

श्री सरावगी ने दावा किया कि आने वाले चुनाव में बिहार की जनता विपक्ष को पूरी तरह नकार देगी और बचे-खुचे राजनीतिक आधार का भी सफाया हो जाएगा। उन्होंनेत्रिपुरा में हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां बैलेट पेपर से चुनाव हुआ और कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वहां जीत दर्ज की है। इससे स्पष्ट है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को जनता किस नजर से देखती है।

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