कानपुर , अक्टूबर 12 -- कानपुर में जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में सोमवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई जिसमें विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के उपरांत मतदाता सूची में पंजीकरण से छूटे हुए तथा प्रथम बार एवं युवा मतदाताओं के नाम शामिल कराने के लिए संचालित किए जाने वाले विशेष अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि आयोग की मंशा है कि निर्वाचक नामावली पूरी तरह निर्विवाद, त्रुटिरहित एवं शुद्ध हो तथा कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।

उन्होने बताया कि 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम निर्वाचक नामावली जनपद की एनआईसी वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसका कोई भी व्यक्ति अवलोकन कर सकता है। बूथवार आंकड़े भी राजनीतिक दलों के साथ साझा किए जा चुके हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि वे मतदाता सूची का अवलोकन करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि अथवा विसंगति संज्ञान में आती है तो संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) से संपर्क कर नियमानुसार उसका सुधार कराएं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण एक सतत प्रक्रिया है।

बैठक में बताया गया कि आयोग के निर्देशानुसार बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा 10 अप्रैल 2026 को अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची का मिलान विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से पूर्व 07 जनवरी 2025 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची एवं पूरक सूचियों से किया जाएगा। इस दौरान ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा, जिनके नाम पूर्व की सूची में थे, लेकिन वर्तमान सूची में सम्मिलित नहीं हैं। उनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर किया जाएगा।

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