यमुनानगर , अक्टूबर 23 -- संयुक्त किसान मोर्चा ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गुड़गांव-नूंह में बिजली निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शन किया।
यादविंदर कांबोज, गुरभजन सिंह और नायब सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में मंडी गेट पर प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त और इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड का पुतला दहन किया गया।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि श्री कुमार ने सत्ता से मिलीभगत कर अवैध एसआईआर करवाया और ईआरओ की शक्तियां अपने पास केंद्रित कर मनमर्जी से वोट काटे-जोड़े। फॉर्म-6 में अवैध बदलाव किया गया और कोई भी फैसला सर्वसम्मति या बहुमत से नहीं लिया गया। एसआईआर में देश भर के करीब 13.8 करोड़ वोट काटे गए, जो रिपोर्ट के अनुसार 16 करोड़ तक हो सकते हैं, जबकि इस दौरान नए वोट नहीं बनने थे। जिनके वोट कटे हैं, उन्हें नए वोटर के रूप में पंजीकरण और यह घोषणा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि पहले उनका वोट नहीं बना था, जिससे उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। मोर्चा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने, उनके खिलाफ मुकदमा चलाने और अवैध मतदाता सूची पर हुए चुनाव रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की।
बिजली निजीकरण पर मोर्चा ने कहा कि हरियाणा बिजली नियामक आयोग में किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और कर्मचारी संगठनों के विरोध के बावजूद नूंह और गुड़गांव में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समानांतर वितरण लाइसेंस दे दिया गया, जो जनता की आवाज की अनदेखी है। यदि अभी नहीं रोका गया तो यह अन्य जिलों में भी लागू होगा। मोर्चा ने 22 से 24 अक्टूबर तक बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया।
प्रदर्शन को धर्मपाल चौहान, महीपाल चमरौड़ी, कुलविंदर सिंधु, प्यारे लाल तंवर, जसबीर सिंधु, फकीर चंद, कुलवंत सिंह, अरवीन कांबोज, रणबीर बाढ़ीमाजरा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
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