बेंगलुरु , जुलाई 04 -- कर्नाटक में कोलार जिला प्रशासन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में चुनाव आयोग की तय सत्यापन प्रक्रिया के कथित उल्लंघन के लिए एक सहायक उपायुक्त और तहसीलदार सहित चुनाव कार्य से जुड़े आठ अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किये हैं।
यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है जिनमें कहा गया है कि एसआइआर का काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करने में नाकाम रहे और इसके बजाय प्रक्रिया पूरी करने के लिए मतदाताओं को एक ही जगह पर इकट्ठा किया। इस वजह से इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई।
नोटिस पाने वाले अधिकारियों में सहायक आयुक्त जंबागी रेणुकाप्रसाद दिलीप, तहसीलदार श्रीनिवास , सुपरवाइज़र मुनिराजू और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मोहम्मद आरिफ पाशा, नाज़िया खानम, रेशमा तलत, परवीन उन्निसा और उमादा बानू शामिल हैं।
ये कथित गड़बड़ियाँ तब सामने आईं जब कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने सभी ज़िला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे चुनाव आयोग के दिशा निर्देश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें, जिसके तहत बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन करना होता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कोलार में मतदान केन्द्र 185 से 189 के लिए नियुक्त बीएलओ ने कथित तौर पर तय प्रक्रिया को नज़रअंदाज़ करते हुए मतदाताओं को अलग-अलग घरों में जाने की बजाय एक ही जगह पर बुलाया। मीडिया रिपोर्ट्स पर कार्रवाई करते हुए कोलार के उपायुक्त एम.आर. रवि ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
मैसूरु के एनआर विधानसभा क्षेत्र से भी ऐसे ही आरोप सामने आए हैं। वहाँ बीएलओ पर आरोप है कि उन्होंने घर-घर जाकर सत्यापन करने के बजाय मतदान केन्द्रों और सार्वजनिक जगहों पर मतदाताओं को इकट्ठा करके एसआइआर प्रक्रिया पूरी की।
लोगों ने इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं और पारदर्शिता और एसआइआर की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की मांग की है।
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