आइची-नागोया (जापान) , सितंबर 21 -- भारत की सुचिका तरियाल ने सोमवार को एशियाई खेल 2026 में मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इसी के साथ वह इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं।
नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में 36 साल की भारतीय फाइटर को महिलाओं की पारंपरिक 60 किग्रा भार वर्ग के सेमी-फ़ाइनल मुकाबले में सिंगापुर की तेओ हुई हून से 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले का फैसला करने के लिए एक अतिरिक्त मिनट का समय लेना पड़ा था।
एशियाई खेलों में कांस्य पदक के लिए अलग से कोई प्लेऑफ नहीं होता, इसलिए एमएमए में सेमीफाइनल हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को पदक मिलता है। सुचिका ने रविवार को क्वार्टर-फ़ाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर अपना पदक पक्का कर लिया था।
हरियाणा के रोहतक की रहने वाली अनुभवी कॉम्बैट-स्पोर्ट एथलीट सुचिका ने जू-जित्सु और एमएमए में आने से पहले जूडो में अपनी पहचान बनाई थी। वह आठ बार की नेशनल जूडो चैंपियन हैं और उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। सुचिका ने बर्मिंघम में हुए 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 57 किग्रा जूडो प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया था। सुचिका ने 2017 में एमएमए में पर्दापण किया था, जिसके बाद उन्होंने इस खेल से सात साल का ब्रेक लिया, लेकिन जूडो और जू-जित्सु में हिस्सा लेती रहीं और 2024 में प्रोफेशनल एमएमए में वापसी की।
वह इस साल की शुरुआत में एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर एशियन गेम्स में पहुंची थीं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित