चंडीगढ़ , सितंबर 14 -- पंजाब पहली बार हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को एशियन हॉकी महासंघ के अधिकारियों की मौजूदगी में टूर्नामेंट का लोगो जारी किया। प्रतियोगिता 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक जालंधर और मोहाली में होगी।

श्री मान ने कहा कि टूर्नामेंट के आयोजन के लिए राज्य सरकार 25.40 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिसमें 22.96 करोड़ रुपये दोनों प्रमुख स्टेडियमों के उन्नयन पर लगाए जा रहे हैं। इनमें जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम के लिए 14 करोड़ और मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के लिए 8.96 करोड़ रुपये शामिल हैं।

टूर्नामेंट के लीग मुकाबले 27 अक्टूबर से दो नवंबर तक जालंधर में होंगे, जबकि चार नवंबर को सेमीफाइनल और पांच नवंबर को फाइनल तथा समापन समारोह मोहाली में होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला एक नवंबर को पंजाब दिवस पर शाम सात बजे जालंधर में खेला जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत, पाकिस्तान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन की टीमें प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी, जबकि ओमान और बांग्लादेश रिजर्व टीमें होंगी। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले के कारण टूर्नामेंट का आकर्षण और बढ़ेगा, लेकिन प्रतियोगिता को खेल भावना और आपसी सम्मान के साथ आयोजित किया जाएगा।

श्री मान ने घोषणा की कि सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और हॉकी प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉकी से सीधे जोड़ना है। स्कूलों, कॉलेजों, हॉकी अकादमियों और खेल संस्थानों को भी आयोजन से जोड़ने की योजना है।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने भारतीय हॉकी को अनेक महान खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए चालू वित्त वर्ष में 1,743 करोड़ रुपये का खेल बजट रखा गया है। सरकार 3,148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है, जिनमें 750 का उद्घाटन हो चुका है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये तथा एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए आठ लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। वर्ष 2022 से अब तक 40 हजार से अधिक खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब के लिए केवल एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं, बल्कि राज्य की हॉकी विरासत को दुनिया के सामने रखने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए मजबूत आधार तैयार करना है और 2030 में होने वाले हॉकी विश्व कप के मुकाबलों की मेजबानी के लिए भी राज्य अपना दावा पेश करेगा।

इस अवसर पर हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह, महानिदेशक कमांडर आरके श्रीवास्तव, कार्यकारी बोर्ड सदस्य आरपी सिंह और हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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