रांची , अक्टूबर 04 -- एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं झारखंड की चार हॉकी चैंपियन बेटियों का रविवार को रांची में जोरदार स्वागत किया गया।

रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट ढोल-नगाड़ों, जयकारों और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि में झारखंड की कप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जापान से बेंगलुरु होते हुए चारों खिलाड़ी रविवार को रांची पहुंचीं। उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर पहले से ही बड़ी संख्या में हॉकी खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेलप्रेमी और परिजन मौजूद थे।

जैसे ही चारों चैंपियन बेटियां एयरपोर्ट के बाहर पहुंचीं, ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत शुरू हो गया। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। खिलाड़ियों ने भी हॉकी स्टिक उठाकर अपनी खुशी जाहिर की और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया।

स्वागत समारोह का सबसे भावुक पल उस समय आया, जब चारों खिलाड़ी अपने परिजनों से मिलीं। उन्होंने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और अपनों के साथ ऐतिहासिक जीत की खुशी साझा की। इस दौरान 'झारखंड की बेटियां जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा एयरपोर्ट परिसर गूंजता रहा।

चारों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने एक बार फिर झारखंड की समृद्ध हॉकी परंपरा को देश-दुनिया के सामने गौरवान्वित किया है। इन बेटियों ने साबित किया है कि संघर्ष, मेहनत और जुनून के दम पर झारखंड की बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

यह सिर्फ चार खिलाड़ियों की घर वापसी नहीं थी, बल्कि झारखंड की हॉकी परंपरा, खिलाड़ियों के संघर्ष और बेटियों की उड़ान का जश्न था।

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