चेन्नई , मार्च 21 -- तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के प्रसिद्ध गिंडी चिल्ड्रन्स पार्क को पिछले एक सप्ताह के दौरान परिसर में 'एवियन इन्फ्लुएंजा' के प्रकोप से करीब 40 पक्षियों की मौत के बाद जनता के लिए बंद कर दिया गया है। यह पार्क सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान लोगों और विशेषकर बच्चों के लिए सबसे पसंदीदा स्थलों में से एक माना जाता है।
पार्क के अधिकारियों ने मृत पक्षियों के नमूने भोपाल स्थित 'राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान' (एनआईएचएसएडी) भेजे थे और एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि होने के बाद एहतियात के तौर पर इसे जनता के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया।
पक्षियों की मृत्यु का पहला मामला 13 मार्च की रात पार्क के भीतर 'वेदांतंगल वेटलैंड बर्ड एवियरी' खंड में सामने आया, जब 30 पक्षियों की मौत हो गई। इनमें 24 'नाइट हेरॉन' और छह 'पेलिकन' शामिल थे। इसके बाद नमूने पहले वंडालूर स्थित 'वन्यजीव संरक्षण उन्नत संस्थान' (एआईडब्ल्यूसी) भेजे गए थे।
अगले दिन दो और पक्षियों-एक 'पेंटेड स्टॉर्क' और एक 'ग्रे हेरॉन'-की मौत हो गई और उनके नमूने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीआरआर) के तहत कार्यरत भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए। इसके बाद 15 और 18 मार्च को कुछ और पक्षियों की मृत्यु हुई। प्रयोगशाला परीक्षणों में 'एच5एन1' संक्रमण की पुष्टि होने के बाद शुक्रवार से पार्क को बंद कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को भी पार्क के अंदर पक्षी एक के बाद एक दम तोड़ रहे थे। परीक्षणों ने इसका कारण एवियन इन्फ्लुएंजा बताया है। अधिकारियों ने कहा, "अरिनार अन्ना प्राणी उद्यान, वंडालूर में पक्षियों को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने का काम आमतौर पर गर्मियों में किया जाता है, इस प्रकोप के कारण अभी नहीं किया जा सकता है।
जनता की सुरक्षा को देखते हुए पार्क बंद किया गया है, क्योंकि यह विषाणु अवशेषों, पंखों और विष्ठा के माध्यम से फैल सकता है।" उन्होंने बताया कि कीटाणुनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है और जीवित पक्षी निगरानी में हैं।
वन्यजीव विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अडयार, वेलचेरी और तिरुवनमियूर जैसे पड़ोसी क्षेत्रों में कई कौवे मृत पाए जाने और उनके परीक्षण सकारात्मक आने के बाद 'एच5एन1' के प्रकोप की पुष्टि हुई।
चिल्ड्रन्स पार्क को केवल एहतियाती तौर पर बंद किया गया है क्योंकि स्थिति चिंताजनक नहीं है और अन्य वन्यजीवों या मनुष्यों में इसके संक्रमण की संभावना नहीं है।
वन्यजीव वार्डन योगेश कुलाल ने एक परिपत्र में कहा, "पार्क को गहन स्वच्छता प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एक एहतियाती कदम के रूप में बंद किया गया है।"पक्षियों के नमूने समय-समय पर परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं और रिपोर्ट से संतुष्टि हो जायेगी तो पार्क को फिर से खोल दिया जाएगा।
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