कोलकाता , मार्च 11 -- रसोई गैस संकट के कारण पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रामकृष्ण मिशन के दो महत्वपूर्ण केन्द्रों में श्रद्धालुओं को प्रसाद नहीं परोसा जा रहा है।

ये दोनों केन्द्र उत्तर कोलकाता में स्थित बलराम मंदिर और मायर बाड़ी हैं।

श्री रामकृष्ण के गृहस्थ शिष्यों में से एक बलराम बोस के घर श्री रामकृष्ण अक्सर आया करते थे। वह वहीं भोजन करते और कुछ समय के लिए वहीं ठहरते भी थे। श्री रामकृष्ण के अनेक शिष्य, जैसे स्वामी विवेकानंद और स्वामी ब्रह्मानंद सहित अन्य भी इस घर में ठहरते थे।

एक मई 1897 को इसी घर में हुई बैठक के बाद रामकृष्ण मिशन की स्थापना की गयी थी। वर्तमान में यह भवन रामकृष्ण मिशन का एक केन्द्र है। यहां दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालु दोपहर में प्रसाद ग्रहण करते हैं।

मायर बाड़ी भी एक महत्वपूर्ण केन्द्र है, जहां श्रद्धालु दोपहर में प्रसाद ग्रहण करते हैं। मां शारदा 1909 से लेकर 1920 में अपने निधन तक इसी घर में रहीं। मायर बाड़ी में प्रतिदिन लगभग 250 श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं।

मायर बाड़ी के अध्यक्ष स्वामी नित्यमुक्तानंदजी ने कहा कि रसोई गैस संकट समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद परोसने की परंपरा फिर से शुरू कर दी जाएगी।

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