बैतूल , सितंबर 21 -- मध्य प्रदेश के बैतूल में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (ई-केवायसी) की समयसीमा एक अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके बाद सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी रिफिल की सुविधा ई-केवायसी की स्थिति से जुड़ी हो सकती है। इसे देखते हुए गैस कंपनियों ने बैतूल जिले की सभी गैस एजेंसियों को लंबित ई-केवायसी जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।

जिले में विभिन्न तेल विपणन कंपनियों की 27 गैस एजेंसियां संचालित हैं और इनके माध्यम से करीब 3.50 लाख उपभोक्ता घरेलू गैस सिलेंडर प्राप्त कर रहे हैं। इनमें लगभग 2.12 लाख उपभोक्ता प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े हैं। एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन उपभोक्ताओं की ई-केवायसी अभी लंबित है, उनसे व्यक्तिगत संपर्क कर प्रक्रिया एक अक्टूबर तक पूरी कराई जाए।

ई-केवायसी का उद्देश्य एलपीजी सब्सिडी को वास्तविक और पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाना तथा डुप्लीकेट और अपात्र कनेक्शनों की पहचान करना है। इससे घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले रियायती सिलेंडरों के व्यावसायिक अथवा औद्योगिक इस्तेमाल की संभावना को भी कम करने में मदद मिलेगी। जिन उपभोक्ताओं की ई-केवायसी पहले ही पूरी हो चुकी है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

उपभोक्ता ई-केवायसी के लिए गैस एजेंसी पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान कर्मचारी ओएमसी मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ई-केवायसी कर सकते हैं। उपभोक्ता घर बैठे इंडेन के लिए इंडेनऑइलवन, भारत गैस के लिए हेलोबीपीसीएल और एचपी गैस के लिए एचपी पे ऐप के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

ई-केवायसी कराने में असमर्थ या इच्छुक नहीं उपभोक्ताओं के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था बताई गई है। उन्हें संबंधित तेल कंपनी के डिजिटल माध्यमों पर विकल्प दर्ज कराना होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को उपलब्धता के आधार पर बिना सब्सिडी के बाजार मूल्य पर पांच या दस किलोग्राम के सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

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