नई दिल्ली , नवंबर 01 -- एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार को भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने 'वायु' विजन के तहत परिचालन तैयारी, स्वदेशी रक्षा क्षमताओं, तकनीकी नवाचार और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल पर आधारित एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया।

पद संभालने से पहले उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और वायुसेना स्टेशन, नई दिल्ली में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

अपने पहले संबोधन में उन्होंने युद्ध के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए ड्रोन, एआई और अंतरिक्ष तकनीक जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वायुसेना को तैयार रहने पर जोर दिया।

नए वायुसेना प्रमुख ने अपनी प्राथमिकताओं को 'वायु' के चार स्तंभों सतर्कता और तत्परता, आत्मनिर्भरता, नवाचार और आपसी एकता के रूप में परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उपकरणों और 'तेजस' व 'एएमसीए' जैसे कार्यक्रमों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी ताकि हम 'भारतीय समाधानों' के साथ अपनी रक्षा कर सकें।

उन्होंने सेना और नौसेना के साथ मिलकर संयुक्त रूप से काम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। अपने पूर्ववर्ती एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि वायुसेना को अत्यधिक उच्च तैयारी की स्थिति में सौंपा गया है। 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव रखने वाले एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट दीक्षित ने अपने संबोधन का अंत वायुसेना के आदर्श वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' के साथ किया।

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