जम्मू , सितंबर 23 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), विजयपुर, सांबा को एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी के लिए जल्द मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है। पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के नेतृत्व में जम्मू पहुंचे पत्रकारों के अध्ययन दल ने एम्स दौरे के दौरान संस्थान की अधोसंरचना, चिकित्सकीय प्रगति और मरीज केंद्रित नवाचारों की जानकारी ली। इस दौरान एम्स विजयपुर के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) संजीव सिन्हा ने मीडिया प्रतिनिधियों को संस्थान की चिकित्सा सेवाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी।
प्रो. सिन्हा ने बताया कि एम्स विजयपुर को 750 बिस्तरों की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। संस्थान में आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, पूरी तरह सुसज्जित इमरजेंसी मेडिसिन ब्लॉक और एकीकृत आयुष केंद्र उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से दो हजार मरीज आते हैं और औसतन करीब 1,500 मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के अलावा पंजाब और हिमाचल प्रदेश से भी मरीज उपचार के लिए यहां आते हैं। नई दिल्ली से भी कुछ मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। संस्थान में कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी सहित 30 ब्रॉड स्पेशलिटी और 14 सुपर स्पेशलिटी विभाग पूरी तरह संचालित हैं। इससे मरीजों को उपचार के लिए अन्य स्थानों पर भेजने की आवश्यकता कम हुई है। आवश्यकता पड़ने पर एम्स नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीमें भी सहायता के लिए पहुंचती हैं।
प्रो. सिन्हा ने बताया कि संस्थान को इस क्षेत्र का पहला एनएबीएच एक्रेडिटेशन प्राप्त अस्पताल होने का गौरव मिला है। इसके अलावा नागपुर में इसे बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर अवॉर्ड और नेशनल पेशेंट सेफ्टी अवॉर्ड भी मिला है। उन्होंने बताया कि जल्द ही एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी के लिए मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
रेडियोथेरेपी एवं ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख, डीन (रिसर्च) और प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) शबाब ललित अंगुराना ने संस्थान में अनुसंधान, कैंसर उपचार और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रांसलेशनल क्लिनिकल रिसर्च संस्थान के अनुसंधान तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। युवा फैकल्टी करीब 12 हाई इम्पैक्ट रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि संस्थान फैकल्टी की देखरेख में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से करीब 23 शॉर्ट टर्म रिसर्च प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही न्यूक्लियर मेडिसिन सुविधा शुरू की जाएगी, जिसमें अत्याधुनिक पीईटी-सीटी स्कैन की सुविधा होगी। इससे भविष्य में निदान और कैंसर उपचार सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
साथ ही अध्ययन दल को स्मार्ट अस्पताल तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी भी दी गई। इसमें इंटेलिजेंट पेशेंट नेविगेशन कियोस्क शामिल हैं, जो वर्तमान में तीन भाषाओं को सपोर्ट करते हैं। तो वही एम्स की आधुनिक लायब्रेरी तथा ब्लड बैंक यूनिट के काम से भी पत्रकारों के अध्ययन दल को अवगत करवाया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित