पटना , जून 08 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स),पटना ने एक बार फिर आपातकालीन चिकित्सा प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता को सिद्ध करते हुए 17वें इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) प्रोवाइडर कोर्स का सफल आयोजन किया। बाल रोग विभाग द्वारा भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी के सहयोग से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वयस्क, बाल एवं शिशु सीपीआर तकनीकों पर आधारित रहा जिसका उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को जीवन रक्षक हस्तक्षेपों में अधिक सक्षम एवं आत्मविश्वासी बनाना था।

इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संस्थानों से आए चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, नर्सिंग छात्रों तथा पैरामेडिकल स्टाफ की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। प्रतिभागियों ने इसे एक अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक एवं कौशल उन्मुख प्रशिक्षण अनुभव बताया जो वास्तविक जीवन की आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय क्षमता विकसित करने में सहायक है।

कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि "कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थितियों में प्रत्येक सेकंड अमूल्य होता है" और समय पर किया गया प्रभावी सीपीआर किसी भी जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी को बदल सकता है। उन्होंने एम्स पटना और भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सशक्त और संवेदनशील बनाते हैं।

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