पटना , अक्टूबर 29 -- खिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में गुरुवार से प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना (पीएम-राहत) की शुरुआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है, जिससे पैसे की कमी के कारण किसी मरीज को जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलने में परेशानी न हो।
इस योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक Rs.1.5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा योजना के निर्धारित नियमों और पात्रता संबंधी शर्तों के अनुसार दी जाएगी। इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर इलाज, प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
एम्स पटना के ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग की इस योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित चिकित्सा विभागों, अस्पताल प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके तहत पात्र मरीजों के इलाज और आवश्यक औपचारिकताओं को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरा किया जाएगा।
एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि संस्थान मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना से बिहार और आसपास के क्षेत्रों के सड़क दुर्घटना पीड़ितों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
एम्स पटना के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और उचित प्रशासनिक व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र मरीजों को योजना के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
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